RSS के साथ मंथन, पुत्र का माता के पास जाने जैसा - वैकेया नायडू

RSS के साथ मंथन, पुत्र का माता के पास जाने जैसा - वैकेया नायडू

नईदिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाए कि इस सरकार को संप्रदायवादी शक्तियां संचालित कर रही हैं। जिसके बाद सरकार की ओर से इन बयानों का खंडन किया गया है। मामले में केंद्रीय मंत्री एम. वैकेया नायडू ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सम्मेलन में सरकार के कार्यों को लेकर मंथन किया गया। इसमें कई मसलों पर चर्चा की गई और संघ ने अपनी ओर से समाधान प्रस्तुत किया। जिसकी आलोचना कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कोई और ही नियंत्रण कर रहा है।

दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्व में आयोजित की गई इस समन्वय बैठक में सोनिया गांधी की आलोचना की गई। इस दौरान कहा गया कि सोनिया गांधी ने यूपीए सरकार से अलग हटकर तत्कालीन यूपीए सरकार की कमान संभाली और कई मसलों पर गैरसंवैधानिक निर्णय लिए। बीजेपी के मंत्रियों ने यह नहीं किया।

यदि आरएसएस के साथ बैठक की गई तो यह ठीक वैसा ही था जैसे एक पुत्र अपनी माता के पास जाता है और किसी मसले पर चर्चा करता है। हालांकि सरकार पर आरोप लगाए गए कि मंत्रियों द्वारा आरएसएस के साथ मशविरा करना गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन है।  जबकि केंद्रीय मंत्री एम. वैकेया नायडू ने कहा कि ऐसा नहीं है। इस तरह से किसी गोपनीयता का उल्लंघन नहीं हो रहा है।