'प्रधानमंत्री की बात पर विश्वास नहीं, ये बड़े दुःख की बात...', विपक्ष के संदेह पर बोले सीएम खट्टर

चंडीगढ़: आज गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। इन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान गत वर्ष से दिल्ली की सरहदों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन कानूनों को वापस लेने को लेकर विपक्षी पार्टियां संदेह जता रहीं हैं, खुद किसान नेता राकेश टिकैत भी संसद से बिल रद्द न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

अब इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमन्त्री की बात पर अविश्वास है तो ये दुख की बात है। सीएम खट्टर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'अब किसानों को चिंता नहीं करनी चाहिए. यदि पीएम ने ऐलान किया है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा, तो सच में ऐसा होगा। यहां तक ​​कि विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी ने भी लोगों से आस्था रखने के लिए कहा है... इसमें यकीन न करने जैसी कोई बात नहीं है। यदि फिर भी अविश्वास है तो दुख की बात है।'

बता दें कि पीएम मोदी के ऐलान के बाद किसान नेता राकेश टिकैत और कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संदेह जाहिर किया था। राकेश टिकैत ने कहा था कि यदि पीएम मोदी ने जो कहा है वो सरकार सच में करने जा रही है तो वे इस निर्णय का स्वागत करते हैं। इसके अलावा सरकार के साथ हमारे कई मसले हैं, जब तक इन कानूनों को संसद से वापस नहीं ले लिया जाता। तब तक हम आंदोलन स्थल नहीं छोड़ेंगे।

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