कमलनाथ सरकार के शासन में अन्नदाता बेहाल, न फसल हुई न मिला कोई जिम्मेदार

Jan 24 2020 06:04 PM
कमलनाथ सरकार के शासन में अन्नदाता बेहाल, न फसल हुई न मिला कोई जिम्मेदार

बैतूल : जिन किसानों के कर्जमाफी के वादे के बलबूते पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 15 साल बाद सरकार बनाई है. अब वे किसान अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. 250 किसानों ने उद्यानिकी विभाग ने सहजन की खेती के नाम पर 20 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से रकम जमा करा ली थी. लेकिन  कुछ किसानों को सहजन के पौधे मिले और कुछ को साल गुजरने के बाद तक मिले ही नहीं. 

जिन्हें पौधे मिले उन्हें ना तो कोई खरीदार मिला और न ही वो इस लाभ की आशा में कोई दूसरी फसल की खेती कर पाए. आलम यह है कि अब किसान जमा राशि वापस पाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं. वहीं विभाग इस मामले से पल्ला झाड़ है तो वहीं मामले को बढ़ता देख बैतूल कलेक्टर ने जांच कराने का आश्वासन दिया है. दरअसल, यह मामला बैतूल का है जहां उद्यानिकी विभाग ने किसानों को सहजन की खेती से लखपति बनने का ख्वाब दिखाया था. बताया गया था कि एक एकड़ में सहजन उगाने पर उन्हें एक लाख से अधिक की कमाई होगी. 

इस लुभावने ख्वाब को देख कर बैतूल के तक़रीबन 250 किसानों ने विभाग के कहने पर कंपनी से करार कर 20 हजार रुपये एकड़ के हिसाब से पैसे जमा कर दिए. पैसा जमा होने के बाद कुछ किसानों को पौधे प्राप्त हुए, किन्तु बताई गई साइज से बहुत छोटे थे जो खेत मे लगाए जाने के बाद कुछ ही दिन में वो मुरझा गए. कुछ किसानों को तो आज तक पौधे प्राप्त ही नहीं हुए. इससे एक वर्ष तक उनका खेत खाली रहा और वे कोई दूसरी फसल भी नहीं ऊगा पाए. जिन किसानों के खेत में सहजन की फसल हुई भी, उनसे अनुबंधित कंपनी की ओर से कोई पत्ति खरीदने भी नहीं आया. 

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