शौक नहीं बल्कि मज़बूरी के चलते फिल्मों में आई थी मधुबाला, दर्दभरी थी जिंदगी

Feb 14 2019 01:09 AM
शौक नहीं बल्कि मज़बूरी के चलते फिल्मों में आई थी मधुबाला, दर्दभरी थी जिंदगी

बॉलीवुड की 'अनारकली' यानी बेहद खूबसूरत अदाकारा मधुबाला आज ही इस दिन इस दुनिया में आईं थी. मधुबाला ने अपनी खूबसूरती के जरिए लाखों दिलों पर राज आकर लिया हैं. भले ही अब वो इस दुनिया में ना हो लेकिन मधुबाला आज भी हर किसी के जहन में जिन्दा है. उनका जन्म 14 फरवरी 1933 को हुआ था. मधुबाला ने अपनी शानदार एक्टिंग के जरिए सभी का दिल जीत लिया था. आपको बता दे, मधुबाला ने 9 साल की उम्र से ही एक्टिंग करियर की शुरुआत कर ली थी लेकिन तब उनका नाम मधुबाला नहीं था.

जी हाँ... और शायद आप ये भी नहीं जानते होंगे कि मधुबाला की फिल्मों में एंट्री ही एक मजबूरी की वजह से हुई थी. फिल्मों में काम करने के वजह थी उनके पिता की नौकरी चले जाना और यही एक मज़बूरी थी जिसके चलते उन्होंने फ़िल्मी दुनिया में कदम रखा. तब उन्हें 'बेबी मुमताज' के नाम से जाना जाता था. उनके पिता की 11 संताने थी, जिसमे से मधुबाला 5 वे नंबर पर थी. मधुबाला का बचपन का नाम मुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी था. बच्चो के बेहतर भविष्य के लिए मधुबाला के पिता अयातुल्लाह खान दिल्ली छोड़कर मायानगरी मुम्बई में आ गए, जहाँ पर शुरुआत हुई अनारकली के उस सफर की जिसने संघर्ष के साथ उनके जीवन को एक नया मुकाम दिया.

मधुबाला ने अपने फ़िल्मी अभिनय की शुरुआत 1942 में आयी फिल्म 'बसंत' से की, जिसमे उनके अभिनय से प्रभावित होकर देविका रानी ने उन्हें 'मधुबाला' नाम दिया. इसके बाद 1947 में केदार शर्मा की फिल्म "नील कमल" से उन्हें मुख्य अभिनेत्री की भूमिका मिली और फिर शुरू सफर. मधुबाला ने अशोक कुमार, रहमान, दिलीप कुमार, देवानन्द जैसे कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम कर 70 से ज्यादा फिल्मो में अभिनय किया. आज भी मधुबाला को उनकी मुग़ल-ए-आज़म कुछ ऐसी फिल्मे है, जिनमे उनके अभिनय की काफी सरहाना की गयी और ये फिल्मे बहुत सुपरहिट हुई. मधुबाला दिल की बीमारी से पीड़ित थी और इसी के चलते उनका देहांत 23 फरवरी 1969 को हो गया.

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