क्या गृह मंत्री अनिल विज सुलझा पाएंगे शराब घोटाला ?

भारत के राज्य हरियाणा के गृह मंत्री एसईटी को जो शक्तियां प्रदान करवाना चाहते थे. महाधिवक्ता के यहां से आई टिप्पणी ने उन्हें निराश कर दिया है. लिहाजा अब उन्हे एसईटी की जांच के भरोसे ही बैठना पड़ेगा. एसईटी अब पूछताछ की पावर के बगैर ही इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी. लिहाजा अब नजर एसईटी की रिपोर्ट पर टिकी है.

मध्य प्रदेश के इस शहर में बनेगा सबसे बड़ा क्वारंटाइन सेंटर

एसईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह कहा जा सकेगा कि इतनी लंबी चली कसरत के बाद नतीजा क्या निकला है. खरखौदा शराब मामले में जांच के लिए एसईटी के बारे पूछे जाने पर गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले में उन्होंने एसईटी के स्थान पर एसआईटी (विशेष जांच दल) के गठन की मांग की थी.साथ ही एलआर व महाधिवक्ता हरियाणा से राय मांगी थी तथा दोनों ने अपनी राय नेगेटिव दी, लेकिन महाधिवक्ता हरियाणा की राय है कि एसईटी मामले में पूरी जांच कर सकती है तथा उसकी रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर तथा जिस भी एजेंसी से सरकार चाहे जांच करवा सकती है.

भूख-प्यास से बेहाल महिला की स्टेशन पर हुई मौत, डायरेक्टर बोला- 'पीएम केयर फंड के साथ क्या हो रहा है'

अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस मामले में सीआरपीसी की धारा-32 में भी यह प्रावधान है. उन्होंने कहा कि एसईटी अपनी रिपोर्ट में शिकायत क्या है, क्या यह आपराधिक मामला है या क्या विभागीय जांच का मामला है, इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही जांच आरंभ होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वही, एसईटी को पूछताछ की पावर नहीं मिलने के मामले में गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले में उन्होंने एसईटी के स्थान पर एसआईटी के गठन की मांग की थी. साथ ही इस मामले में महाधिवक्ता से राय मांगी गई थी. अभी जब तक एसईटी की रिपोर्ट नहीं आती वे इस मामले में कुछ ज्यादा नहीं कह सकते.

चिदंबरम ने RBI पर साधा निशाना, कहा- 'नागरिकों को एक और झटका दिया...'

राजस्थान के सभी मामलों में फैला कोरोना का संक्रमण, 8 हज़ार के करीब पहुंची मरीजों की संख्या

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दो स्टूडेंट्स पर केस दर्ज, पाकिस्तान के समर्थन में की थी पोस्ट

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -