घुटने के बल चलने से बच्चों को होते हैं कई लाभ, जानें

घुटने के बल चलने से बच्चों को होते हैं कई लाभ, जानें

बच्चे चलने की शुरूआत पहले अपने घुटनों की मदद से ही करते हैं. इसके बाद बच्चे धिरे-धिरे खड़ें होने का प्रयास करने लगते हैं. घुटनों के बल चलना बच्चों के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि घुटनों के बल चलना ही खड़े होकर चलने की पहली सीढ़ी होती है. बता दें, इससे उन्हें काफी लाभ भी मिलते हैं, अगर आपका बच्चा नहीं चलता है तो आपको बता दें कि घुटने के बल चलना बच्चों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है.  

शरीरिक विकास 
घुटनों के बल चलना शिशु के शारीरिक विकास के लिए बहुत जरूरी है. चलने से शिशु की हड्डियों में मजबूती आती है और उनमें लचीलापन आता है जो शिशु को पैरों पर चलने, दौड़ने, शरीर को मोड़ने और घुमाना सीखने के लिए जरूरी है. इसलिए शिशु जब घुटनों के बल चलने लगे तो उसे प्रोटीन और कैल्शियम युक्त आहार देना चाहिए.

प्राकृतिक नियमों की समझदारी
शिशु में प्राकृतिक नियमों की समझ के लिए भी उसका स्वयं चीजों को करके सीखना जरूरी है. शिशु जब घुटनों के बल चलना शुरू करता है, तो उसे गति और स्थिति के सामान्य नियमों की समझ आती है और वो बैलेन्स बनाना भी सीखता है.  

दृष्टि और आंखों के नियमों की समझ
शिशु जब घुटनों के बल चलना शुरू करता है तो उसकी दृष्टि क्षमता भी ज्यादा विकसित होती है. गोद में रहने के दौरान भी शिशु चीजों को देखता है लेकिन जब वो चलना शुरू करता है तो उसकी दूरी संबंधी समझ का विकास होता है.  

आत्मविश्वास के लिए है जरूरी
घुटनों के बल चलने से शिशु का आत्मविश्वास बढ़ता है क्योंकि वो जिंदगी के कुछ जरूरी फैसले खुद से लेना शुरू करता है जैसे चलने के दौरान जमीन पर कोई कीड़ा दिख जाए, तो उससे बचना है या चलते जाना है, आगे अगर कोई अवरोध है तो किस तरह रास्ते को बदलना है आदि. ये बातें शिशु के मानसिक विकास में सहयोगी होने के साथ-साथ उसमें आत्मविश्वास भरती हैं. चलने के दौरान बच्चों को चोट लगती है, दर्द होता है यानि वो कई तरह के फिजिकल रिस्क लेते हैं. 

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