नरभक्षी बाघ को वन विभाग ने पकड़ा, 2018 से था गायब

Jun 07 2020 02:32 PM
नरभक्षी बाघ को वन विभाग ने पकड़ा, 2018 से था गायब

भोपाल : कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला के घोरेला बाड़े में रखे गए एक नर बाघ को शनिवार को भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लाया गया है. वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के एक अधिकारी ने रविवार को इस बारें में बताया कि बाघ का नाम सरन रखा गया है. इस बाघ के आगमन के साथ वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की संख्या बढ़ गई है और अब 14 बाघ हो गए हैं. अभी इस बाघ को पृथक रखा गया है. अधिकारी ने महाराष्ट्र के मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक के हवाले से बताया कि इस बाघ ने अक्टूबर-2018 में अमरावती जिले में दो लोगों को मारा था.

उन्होंने आगे कहा कि यह बाघ दिसम्बर 2018 में भटक कर बैतूल आ गया था. इस नर बाघ को 11 दिसम्बर 2018 को बैतूल जिले के सारणी कस्बे के रिहायशी इलाके से रेस्क्यू किया गया था और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़कर इसे प्राकृतिक रहवास में रहने का एक अवसर भी प्रदान किया गया था, किन्तु इस बाघ की रिहायशी क्षेत्र में रहने एवं लौटने की प्रवृत्ति के वजह से यह दोबारा रिहायशी क्षेत्र में पहुँच गया था.  

इस बारें में अधिकारी ने आगे बताया कि इसके बाद बाघ को 10 फरवरी 2019 को पुन: बैतूल जिले के सारणी कस्बे के रिहायशी क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया और कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला बाड़े में रखा गया. उन्होंने आगे बताया कि इस बाघ को कान्हा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक एवं वन्य-प्राणी चिकित्सक दल द्वारा भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लाया गया है.

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