मध्य प्रदेश में 22 जिलों के शराब ठेकेदारों ने दुकानें की सरेंडर

Jun 07 2020 12:00 PM
मध्य प्रदेश में 22 जिलों के शराब ठेकेदारों ने दुकानें की सरेंडर

भोपल : लॉकडाउन की वजह से शराब ठेकेदारों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. वहीं, मध्य प्रदेश के शराब ठेकेदारों और राज्य सरकार के बीच चल रहा विवाद निर्णायक स्थिति में पहुंच गया है. शनिवार को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सहित 22 जिलों के सभी ठेकेदारों ने 2200 से ज्यादा शराब दुकानें सरेंडर कर दी हैं, जबकि सात जिलों के ठेकेदारों ने आधी दुकानें सरकार को वापस करने का शपथ पत्र दे दिया है. इस पर मप्र लिकर एसोसिएशन का दावा है कि इससे राज्य सरकार को 70 फीसद (लगभग 7200 करोड़ रुपये) का नुकसान होगा. ये मामला जबलपुर हाई कोर्ट में चल रहा है. इसमें 17 जून को फिर से सुनवाई होना है.

दरअसल, लॉकडाउन अवधि में दुकानें बंद रहने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शराब ठेकेदारों ने सरकार से राजस्व में 25 फीसद की छूट मांगी थी. सरकार तैयार नहीं हुई तो ठेकेदारों ने दुकानें बंद करने की चेतावनी दे दी थी. ये विवाद इतना बढ़ गया कि ठेकेदारों ने 2200 से ज्यादा दुकानें छोड़ दी हैं. हाई कोर्ट के आदेश के तहत ठेकेदारों को आठ जून तक यह भी बताना है कि वे दुकानें चलाना चाहते हैं या नहीं. ऐसे में ठेकेदार दो दिन में शपथ पत्र देंगे. इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि कुल कितने ठेकेदार दुकानें छोड़ रहे हैं. उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान करीब सवा दो माह प्रदेशभर में शराब दुकानें बंद रखी गई थीं.

बता दें की इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिंडौरी, सिंगरौली, रीवा, सतना, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, शिवपुरी, बुरहानपुर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, देवास, मंदसौर, खंडवा सहित अन्य. वहीं छतरपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, अनूपपुर, मंडला और होशंगाबाद जिलों में संचालित आधी दुकानों को ठेकेदारों ने सरेंडर करने के शपथ पत्र दे दिए हैं. हालांकि, दिशा सरकार राजस्व में 25 फीसद की कटौती करेगी या नहीं और ठेकेदार वापस दुकानें चलाने को तैयार होंगे, यह 10 दिन बाद तय होगा. दरअसल, 17 जून को जबलपुर हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई तय है. कोर्ट सरकार और ठेकेदारों को निर्देश दे सकता है. ज्ञात हो कि 25 फीसद राजस्व कम करने के सरकार के अड़ियल रवैये को लेकर अलग-अलग ठेकेदारों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं लगाई हैं. जिन पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ठेकेदारों को आठ जून तक शपथ पत्र देकर यह बताने को कहा था कि वे दुकानें चलाना चाहते हैं या नहीं.

बिजली उपभोक्ताओं को जून के बिल में मिलेगी राहत, जानें कैसे मिलेगा लाभ

भोपाल के नए इलाकों में फैला कोरोना संक्रमण, 40 नए पॉजिटिव मिले

कोरोना : इंदौर में तेजी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, पॉजिटिव मरीज हो रहे कम