आखिर इतनी तेजी से क्यों फ़ैल रहा है कोरोना ? जापान के वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

टोक्यो: कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के हर हिस्से में शोध चल रहा है। ये ऐसा वायरस है जिसके सम्बन्ध में बहुत कम जानकारी है। चीन ने दुनिया को मौका ही नहीं दिया कि वो इस वायरस के सम्बन्ध में रिसर्च कर सके और पता लगा सके कि आखिर इतनी तेज़ी से ये वायरस इंसानों में किस तरह संक्रमण फैला रहा है।  

जापानी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की वीडियो रिकॉर्डिंग कर के विश्व को ये दिखा दिया है कि केवल अब तक वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए रास्तों से ही कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैल रहा है। कोरोना के संक्रमण के और भी तरीके हैं जो कि अधिक खतरनाक हैं। कोरोना के फैलने की रफ़्तार को समझने के लिए जापान में एक एक्सपेरिमेंट किया गया। रिसर्चर्स की टीम ने हाई सेंसटिव कैमरे का सेटअप लगाया और लेजर बीम से हवा में मौजूद कणों पर रिसर्च की। इस लेजर बीम से  0।1 माइक्रोमीटर तक के ड्रॉपलेट्स को देखा जा सकता था। इसमें लोगों के छींकने को रिकॉर्ड किया गया। कैमरे की रिकॉर्डिंग से पता चला कि छींकने से बड़े ड्रॉपलेट्स बाहर आ रहे हैं, जो 1 मिलीमीटर व्यास के हो सकते हैं। ये ड्रॉपलेट्स तत्काल हवा से नीचे गिर जाते हैं।

किन्तु इससे छोटे पार्टिकिल्स हवा में ही  मौजूद रहते हैं। ये पार्टिकिल्स काफी छोटे होते हैं। ये 10 माइक्रोमीटर तक छोटे हो सकते हैं।  यानी 1 मिलीमीटर का 100वां हिस्सा जो आंखों से दिखाई नहीं देता।  यही हैं माइक्रो-ड्रॉपलेट्स- ये माइक्रो ड्रॉपलेट्स बेहद ख़तरनाक हैं, जो हवा में तैरती रहती हैं और इंसान के छींक कर या खांसकर चले जाने के बाद भी वो हवा में ही रहती हैं और ये किसी भी मनुष्य को संक्रमित कर सकती हैं।

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