केजरी पर जेटली का आरोप

नयी दिल्ली : अरुण जेटली आठवीं बार दिल्ली हाई कोर्ट में पेश हुए. अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ किये गए मानहानि केस में उन्हें आठवीं बार पेश होना पड़ा. इस अरुण जेटली ने कहा कि वह आठवीं बार कोर्ट में उपस्थित हुए हैं लेकिन फिर भी अरविन्द केजरीवाल के वकील ने उनसे इस केस से सम्बंधित एक भी सवाल-जवाब नहीं किये. उनके वकील सिर्फ इस केस को लम्बा खींच रहे हैं.

केजरीवाल पर अरुण ने मानहानि का यह केस तब लगाया था, जब उनके कार्यकाल के दौरान डीडीसीए के फैसलों पर और उन पर केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं ने आरोप मढ़े थे. अब केजरीवाल के वकील इस केस को लेकर अरुण से कोई भी सवाल नहीं पूछते. वहीं इस बार सुनवाई के दौरान जेटली ने उस बयान को भी गलत बताया जो बीजेपी से निष्कासित किये गए कीर्ति आज़ाद ने दिया था. कीर्ति आज़ाद ने डीडीसीए की स्पोर्ट्स कमेटी से जुड़े क्रिकेटिंग क्लब पर सवाल खड़े किए गए थे, जिसे जेटली ने गलत बताया.

इस पर जानकारी देते हुए जेटली ने कहा कि क्लब से डीडीसीए के अधिकारियों का कोई लेना देना नहीं था. क्लब में सिंडिकेट बैंक की हिस्सेदारी थी. इस हिस्सेदारी को बैंक ने अपने वर्करों को सौंप दिया था जिसे बैंक ने कुछ समय बाद ही अपने पास वापिस ले लिया था. जेटली ने बताया यह बैंक और उसके कर्मचारियों की आपस की बात थी, इस बात से डीडीसीए के निर्णय का कोई भी ताल्लुक नहीं था.

अब हाई कोर्ट ने जेटली को डीडीसीए की स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े हुए दस्तावेजों की एक अर्जी के जवाब के लिए 2 हफ़्तों का समय दिया है. यह अर्ज़ी केजरीवाल और AAP के नेता आशुतोष और राघव चड्ढा द्वारा दी गयी हैं जिस पर जेटली को जवाब देना है. यह स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज 2012 से 2015 के बीच तक के हैं.

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