खतरनाक हैं RSS सरसंघचालक भागवत के विचार, संविधान को नकार रही है सरकार

पटना : बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री और जनता परिवार महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार नीतिश कुमार ने आज भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को निशाने पर लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा डर की राजनीति कर रही है। भाजपा आरक्षण के मामले में अपनी मनमानी कर संविधान के प्रारूप से ही खिलवाड़ करने का मन बना रही है। बिहार चुनाव के पहले एनडीए में सीट वितरण को लेकर गतिरोध साफतौर पर सामने आ गया है। एनडीए में ही विवाद नज़र आ रहा है। संविधान निर्माताओं ने सोच समझकर आरक्षण का प्रावधान दिया। 

महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार नीतिश कुमार ने कहा कि इस चुनाव में विकास ही सबसे बड़ा मसला है। भाजपा विकास की बात करती है लेकिन समाज में विभाजन की बात करती है। चाहे वह संप्रदाय के बाद हो या फिर जाति के आधार पर हो। यही नहीं एनडीए में आपसी खींचतान का दौर है। भाजपा ने अपने घटक दलों को ही दरकिनार कर दिया है। भाजपा अपने सहयोगियों को उपेक्षित कर रही है। 

सहयोगी भाजपा के सामने नतमस्तक हो गए हैं। नीतिश ने RSS के मुख पत्र पांचजन्य और आॅर्गनाईजर में प्रकाशित सरसंघ चालक मोहन भागवत के बयान को लेकर कहा कि भागवत जिस तरह से आरक्षण की बात कर रहे हैं वे उसे ठीक नहीं मानते हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि वे संविधान निर्माताओं के निर्णय को सही नहीं मानते। उन्होंने कहा कि भागवत ने समिति बनाकर आरक्षण व्यवस्था पर विचार करने की बात की।

मगर इस पर बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा कि भागवत के विचार बेहद खतरनाक हैं वे संसद का अर्थ ही बदलना चाहते हैं। वे संविधान को नकार रहे हैं। केवल इनके द्वारा निर्मित कमेटी को इस मसले पर निर्णय करने का अधिकार देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि RSS के सरसंघ चालक भागवत का विचार खतरनाक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वे हमेशा कहते रहते हैं कि एक स्वयंसेवक होने पर उन्हें गर्व है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का जन्म जनसंघ से हुआ है और जनसंघ की नींव RSS ने ही रखी है। भाजपा डर दिखाकर शासन करना चाहती है। संविधान पर कुठाराघात करने की तैयारी में भाजपा नज़र आती है। इस व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है और वंचित तबकों को मुख्यधारा में लाए जाने के रास्ते को बंद करना चाहती है। 

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