हमने भी खाना खाया है, लेकिन कभी जाति नहीं पूछी मजदूर की

हमने भी खाना खाया है, लेकिन कभी जाति नहीं पूछी मजदूर की

लखनऊ : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा वाराणसी स्थित बाबतपुर के एक गांव में दलित के घर भोजन करने पर उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज कसा है। अखिलेश ने कहा कि संदेश देने के लिए उन्होने भी दलित के साथ भोजन किया था, लेकिन मजदूर की जाति नहीं पूछी थी।

अखिलेश ने राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा कि चुनावी सरगर्मी के बीच कई तरह के काम किए जाते है, लेकिन पार्टियों को काम के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए, उनकी जाति या वर्ग के आधार पर नहीं। उन्होने कहा कि राज्य में चुनाव होने वाले है।

संदेश देने के लिए स्नान भी करेंगे और मजदूरों के साथ खाना भी खाएंगे। हमने भी मजदूरों के साथ खाना खाया है, लेकिन बगल में बैठी औरत की जाति नहीं पूछी थी। हम जाति वर्ग के आधार पर चीजों को नहीं देखते। जनता में काम के आधार पर जाना चाहिए, उपलब्धियों के आधार पर जाना चाहिए।

यह हमारा लोकतंत्र है, संविधान है। विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने के बीच शाह द्वारा उठाए गए इस कदम क दलितों को लुभाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।