शिशु गहन चिकित्सा कक्ष बंद होने से परिजनों की मुश्किलें बढ़ी

जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज में 72 घंटे के बाद भी बच्चों का इलाज नहीं हो पा रहा है. मेडिकल कॉलेज में 72 घंटे पहले शिशु गहन चिकित्सा कक्ष की सीलिंग गिर गई थी. इस कारण उन परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई है जिनके बच्चों का इलाज यहां चल रहा है. 4 विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम शिशु गहन चिकित्सा कक्ष बंद होने के बाद से बच्चों की निगरानी में लगी है. 

चिकित्सा कक्ष बंद होने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दूसरे कमरे में बच्चों और उनकी माताओं के लिए व्यवस्था की है. गंभीर बच्चों का इलाज शिशु गहन चिकित्सा कक्ष के बचे हुए हिस्से में किया जा रहा है. हालांकि डाॅक्टरों का कहना है कि जल्द से जल्द  चिकित्सा कक्ष शुरू हो जाना चाहिए. इस दौरान गहन चिकित्सा कक्ष में बच्चों को वेंटिलेटर पर रखकर कृत्रिम सांसें दी जाती हैं.  अभी तक इन बच्चों को दूसरे अस्पताल में  इलाज के लिए शिफ्ट नहीं किया गया है. मंगलवार को चिकित्सा कक्ष में पुट्‌टी का काम करवाया जा रहा है था. पुट्‌टी के बाद वायरिंग और एयर कंडिशनर फिटिंग सहित अन्य काम भी होना है. अभी शिशु गहन चिकित्सा कक्ष का काम पूरा होने में एक दिन और लगा जाएगा. 

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