लॉकडाउन में साइबर जालसाज हुए एक्टिव, इस तरह भेज रहे फ्रॉड मैसेज

Apr 03 2020 01:48 PM
लॉकडाउन में साइबर जालसाज हुए एक्टिव, इस तरह भेज रहे फ्रॉड मैसेज

कोरोना वायरस की वजह से देश में लॉकडाउन है. बहुत से कंपनीयों ने अपने स्टॉफ को घर से काम करने की सुविधा प्रदान की है. वही, वर्क फ्रॉम होम के कारण इन दिनों साइबर जालसाजों की संख्या और सक्रियता तेजी से बढ़ी है. केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के मार्च महीने में ही इस तरह की 2200 से अधिक वेबसाइटें बनी हैं. ऐसे में हमें एहतियात बरतने की आवश्यकता है. चूंकि कंपनियों का साइबर सुरक्षा चक्र काफी मजबूत होता है. इससे साइबर फ्रॉड उनके आसपास नहीं आते हैं. पर घर का सिक्योरिटी सिस्टम अक्सर कमजोर होता है. 

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इसके अलावा दूसरी तरफ साइबर जालसाज लोगों के मुख्य क्रियाकलापों और सामान्य घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर फ्रॉड करते हैं, जैसे कि उन्होंने पीएम रिलीफ फंड से मिलता-जुलता मैसेज, डब्ल्यूएचओ के मैसेज, नेटफ्लिक्स के फ्री सब्सक्रिप्शन आदि के मैसेज भेजे हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल कहते हैं कि मौजूदा समय में अधिकांश कंपनियां घर से काम के लिए सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं. यहां पर ठोस फ्रेमवर्क नहीं है और न ही मजबूत डेटा प्रोटेक्शन कानून है. ऐसे में चुनौती काफी बढ़ जाती है. एक तरफ जहां उपभोक्ताओं के सामने खुद के डेटा बचाने का चैलेंज है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के डेटा को भी संरक्षित रखना है. इसमें कोई दो राय नहीं कि मौजूदा समय में साइबर सेंध बढ़ी है. ऐसे हालात में सिर्फ आईटी सेक्टर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आम कर्मचारियों को भी अपनी साइबर सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है. 

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