DRDO से लेकर भारतीय सेना तक डॉक्टर्स के काम आएंगे ये खास उपकरण,

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पूरा भारत एकजुट हो गया है। जहां एक तरफ रेलवे डिब्बों को आइसोलोशन वार्ड में परिवर्तित किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ भारी मात्रा में हैंड सैनिटाइजर बनाया गया है। इसके साथ ही छात्रों ने कम लागत और आसानी से उपलब्ध होने वाले संसाधनों का इस्तेमाल कर ऐसे उपकरण बनाएं है, जो कोरोना फाइटर्स के बहुत काम आए हैं। अब इस कड़ी में भारतीय सेना, नौसेना और डीआरडीओ ने खास डिवाइस तैयार किए हैं, जो डॉक्टर्स और मेडिकल कर्मचारियों के बहुत काम आएंगे। तो आइए इन गैजेट पर डालते हैं एक नजर.

DRDO ने बनाया खास सूट
रक्षा संगठन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य कर्मियों के लिए खास बायो सूट बनाया है। इस सूट में टेक्सटाइल, कोटिंग और नैनो तकनीक का उपयोग हुआ है। इसके अलावा इस सूट को सिंथेटिक ब्लड की सुरक्षा के लिहाज से तैयार किया गया है।

भारतीय सेना ने रिमोट-कंट्रोल ट्रोली की तैयार
भारतीय सेना के इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स ने डॉक्टर्स के लिए खास तकनीक वाली रिमोट-कंट्रोल ट्रॉली बनाई है। इस ट्रॉली में वॉश-बेसिन और डस्टबिन जोड़ा गया है। इस ट्रॉली में सामान रखने के लिए जगह दी गई है। साथ ही इस ट्रॉली को आसानी से संचालित किया जा सकता है।

भारतीय सेना ने बना किफायती थर्मल स्कैनर
भारतीय सेना ने डॉक्टर्स और मेडिकल कर्मचारियों के लिए किफायती थर्मल स्कैनर बनाया है। यह थर्मल स्कैनर कुछ सेकेंड में संक्रमितों को स्कैन कर सकता है। इसके अलावा सर्जिकल मास्क और हैंड सैनिटाइजर भी तैयार किया गया है। 

DRDO वायरस टेस्टिंग के लिए तैयार की मोबाइल लैब
DRDO की हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर ने कोरोना वायरस के संक्रमितों की स्क्रीनिंग करने के लिए खास मोबाइल लैब को तैयार की है। इस लैब के जरिए डॉक्टर्स कोरोना वायरस को आसानी से रोक सकेंगे। 

कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार मुफ्त में बांट रही है मास्क

नेटवर्क शुरू करने की समय सीमा के लिए COAI ने दूरसंचार विभाग को लिखा पत्र

दुनिया का पहला ई-मेल भेजा था बिना इंटरनेट

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -