हिमाचल हो या गुजरात, शहरी वोटर्स में मतदान को लेकर उत्साह कम.., अब EC ने की यह अपील

नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार (3 दिसंबर) को कहा है कि गुजरात में प्रथम चरण के विधानसभा चुनावों में कई सीट पर मतदान फीसद में इजाफा दर्ज किया गया है, किन्तु सूरत, राजकोट और जामनगर जैसे प्रमुख जिलों में वोटिंग को लेकर शहरी वोटर्स की उदासीनता ने कुल आंकड़े (मतदान फीसद) को घटा दिया. इसी प्रकार, हिमाचल प्रदेश में गत माह हुए विधानसभा चुनावों में भी शहरी निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं में वोटिंग को लेकर कोई खास उत्साह देखने को नहीं मिला.

आयोग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में शिमला शहरी विधानसभा सीट पर सबसे कम 62.53 फीसद वोटिंग दर्ज की गई. यह आंकड़ा राज्य में हुए औसत मतदान 75.6 फीसदी से 13 फीसद कम है. चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात के शहरों में भी वोटिंग को लेकर लोगों में उदासीनता देखी गई, जिससे पहले चरण में मतदान प्रतिशत में गिरावट आई. चुनाव आयोग ने बताया कि सूरत, राजकोट और जामनगर जैसे जिलों में गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के औसत मतदान 63.3 फीसद से कम वोट पड़े.

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने गुजरात के वोटर्स से पांच दिसंबर को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान अपने मताधिकार का बढ़-चढ़कर इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि प्रथम चरण में हुए कम मतदान की भरपाई की जा सके. चुनाव आयोग के अनुसार, राजीव कुमार ने कहा कि अब 2017 के विधानसभा चुनावों के मतदान फीसद को पार करने की उम्मीदें वोटर्स की बढ़ी हुई भागीदारी पर टिकी हैं.

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