कल पृथ्वी से टकरा सकता है Asteroid, वैज्ञानिकों ने कही ये बात

वैज्ञानिकों ने हाल ही में जानकारी दी है कि अगर यह एस्टेरॉयड धरती से टकराता तो उससे बहुत ही भयानक तबाही मचने वाली है. इस टकराव से 77 मेगाटन ऊर्जा उत्त्पन्न होगी. यानी अब तक परीक्षण किए गए विश्व के सबसे बड़े परमाणु बम सार बॉम्बा से डेढ़ गुना ज्याद  ऊर्जा होगी. नासा इस एस्टेरॉयड की हर गतिविधि पर नज़रे टिकाए हुए है.

इस एस्टेरॉयड को अमेरिकी अंतरिक्षयात्री कैरोलीन शूमेकर ने पालोमर ऑब्जर्वेटरी में 28 नवंबर 1994 में खोज निकाला था.  जिसका नाम 1994 WR12 दिया गया था. 1994 WR12 एस्टेरॉयड सोमवार को धरती से 38 लाख किमी की दूरी से गुजरने वाला है. हालांकि वैज्ञानिक बोल रहे है कि हमारी धरती के वातावरण से सटकर यह एस्टेरॉयड गुजर सकता है .  खबरों की माने तो स्पेस टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट के डायरेक्ट एलन डफी का बोलना है कि इस घटना को लेकर लोगों को उत्सुक रहने की आवश्यकता नहीं है. एक मीडिया से बातचीत में उन्होंने बोला है कि मेरी सलाह है कि भगवान के लिए इस चीज को अपनी आंखों से मत देखिए.

उनका बोलना है है कि इससे नुकसान हो सकता है. उन्होंने बोला है कि साल 2013 में रूस में एक टूटते तारे बहुत हानि हुयी थी. इसे सेलीबिंस्क (Chelyabinsk) की घटना बोला जा रहा है. सेलीबिंस्क रूप का एक बड़ा शहर है. लोगों को इन आसमानी घटनाओं को बेवजह नहीं देखना चाहिए. इनकी चमक बहुत तेज होती है. इससे इंसान के आंख की रेटीना को  हानि पहुंच सकती  है. ऐसे में आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि आप इसे सीधे नहीं देख रहे हैं.

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