सोनिया से मिलकर नरम पड़े गहलोत के तेवर, बोले- मेरा बस चले तो कोई पद न लूँ..

जयपुर: कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में आए राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे को लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल रहा है। उनके समर्थन में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने नामांकन नहीं भरा, वहीं अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी उनके साथ खड़े दिख रहे हैं। गहलोत ने आज मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और उसके बाद कहा कि उनका चुनाव में उतरना सही फैसला है। 

अशोक गहलोत ने इस दौरान खुद के अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर होने और मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी संशय पर सियासी बयान देते हुए कहा कि मेरा बस चले तो मैं कोई पद न लूं। कभी राहुल गांधी यात्रा में जाऊं, तो कभी सड़कों पर उतरूं। आज हालात काफी खराब हैं, मगर अब भी मैं कोई पद छोड़कर जाऊंगा, तो लोग कहेंगे कि मुसीबत में कांग्रेस को छोड़कर अशोक गहलोत भाग रहा है। बता दें कि, कुछ दिनों पहले ही गहलोत, कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्थान सीएम की कुर्सी पर एकसाथ बैठने के लिए जुगत भिड़ा रहे थे और अब सोनिया से मिलने के बाद उनके सुर बदले हुए नज़र आ रहे हैं। 

गहलोत ने कहा कि आलाकमान से मुझे जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे मैं निभाउंगा।  मेरे लिए अहम यह है कि देश के एकजुट विपक्ष आवश्यक है। देशवासी कहते हैं कि कांग्रेस मजबूत होना आवश्यक है और उसके लिए राहुल गांधी निकल चुके हैं। मैं उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश पर अशोक गहलोत ने कहा कि यह सब मीडिया वालों की देन है। मैं तो 10 दिनों से लगातार कह रहा हूं कि इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राजीव गांधी के समय से ही मैं पदों पर रहा हूं। इसलिए मेरे लिए अब कोई पद महत्वपूर्ण नहीं है। 

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