किसानों ने किया आंदोलन स्थगित करने का ऐलान, लेकिन सरकार के सामने रख डाली ये शर्त

नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के प्रदर्शन को स्थगित करने की घोषणा की है, मगर इसके साथ ही कहा है कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आंदोलन को रद्द करने का ऐलान किया तथा इसके साथ ही सरकार के समक्ष अपनी मांगे रखी। बता दें कि केंद्र सरकार चाहती है कि किसान धरना छोड़कर वापस अपने घर चले जाएं, हालांकि किसान सभी मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखना चाहते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया, 'हम आंदोलन स्थगित कर रहे हैं, समाप्त नहीं कर रहे हैं। जब सरकार सभी बातें मानेगी, तभी धरना समाप्त करेंगे।' इसके साथ ही चढ़ूनी ने सरकार से सभी आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ मामला वापस लेने की भी मांग की। बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की 5 सदस्य वाली हाई पावर कमेटी ने आपातकालीन बैठक बुलाई है तथा यह बैठक नई दिल्ली में हो रही है। इस बैठक में बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, युद्धवीर सिंह, अशोक धावले तथा शिव कुमार कक्का सम्मिलित हैं। सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की बैठक होगी, जिसके पश्चात् आंदोलन को वापस लेने पर निर्णय लिया जा सकता है।

तीन कृषि कानूनों को स्थगित करने और एमएसपी पर काननू बनाने समेत दूसरे मसलों पर समिति गठित करने के ऐलान के पश्चात् केंद्र ने पहली बार मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के पास लिखित प्रस्ताव भेजा था। इसमें किसानों की सभी मांगों को मानने का जिक्र है, मगर मोर्चा के नेताओं ने उक्त प्रस्ताव का स्वागत करते हुए तीन प्रमुख समस्याओं के साथ सरकार को वापस भेज दिया। किसानों की ओर से उम्मीद व्यक्त की गई है कि सरकार उनकी समस्याओं पर सहानूभूतिपूर्वक विचार कर बुधवार तक अपनी प्रतिक्रिया देगी।

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