आखिर कोर्ट में कैसे मिलती है बेल, क्यों होती है जेल ? बहुत जल्द आप भी देख सकेंगे लाइव स्ट्रीमिंग

नई दिल्ली: अब तारीख पर तारीख की हकीकत आम जनता भी जान सकेगी. किसी मामले की सुनवाई आखिर क्यों बार-बार टलती जाती है? किसी को तत्काल बेल और किसी को जेल कैसे होती है? कोर्ट के बंद कमरों में आखिर क्या होता है? कैसे होता है?, ये सारी जानकारी जनता को लाइव देखने को मिल सकती है. वो भी कुछ वर्षों के अंदर ही. बहुत जल्द पूरे देश की अदालतों में होने वाली रोजमर्रा की कार्रवाई जनता के सामने भी होगी. 

तकनीक आधारित पारदर्शिता आज के जमाने की आवश्यकता है. आखिर जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि अदालतों में क्या चल रहा है और काम कैसे चलता है? सुनवाई टलती है तो क्यों? सुप्रीम कोर्ट ई कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने कहा कि देश की कोर्ट्स में क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है, ये सब जानने का बुनियादी अधिकार देश की जनता को है. एक समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि ई कमेटी ने कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नियम कायदे बना लिए हैं. आज के समय में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने करने के लिए यह सब बुनियादी आवश्यकता है. 

उन्होंने आगे कहा कि सुनवाई किसी भी अदालत में हो पूरा देश उसे देख सकता है. बस अब लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से सार्वजनिक होने वाले डाटा प्राइवसी और दिव्यांग फरियादियों तक कोर्ट की पहुंच को कैसे सुगम बनाया जाय इसके उपाय किए जा रहे हैं. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने लाइव स्ट्रीमिंग के साथ-साथ अदालतों में डाक्यूमेंट्स और रिकॉर्ड के डिजिटलाइज्ड तरीके से संरक्षण पर भी जोर दिया. फैसले, आदेश और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही तीसरे चरण में ई-कोर्ट्स के डाक्यूमेंट्स के संरक्षण की बात भी कही. पूरे देश की अदालतों में 3100 करोड़ डाक्यूमेंट्स को डिजिटल फॉर्म में संरक्षित करना बड़ी चुनौती है.

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