डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम के साथ जुड़ेगा राम का नाम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम के साथ 'राम' का नाम जोड़ने का फैसला किया है, भगवान राम का नाम नहीं बल्कि बाबा साहेब के पिताजी 'रामजी मालोजी सकपाल' का नाम उनके नाम के साथ जोड़ा जा रहा है. अब उनका नाम 'डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर' होगा. बताया जा रहा है कि राज्यपाल रामनाइक ने इसको लेकर 2017 में एक कैंपेन चलाया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था.

राम नाइक नाम में बदलाव के लिए पिछले एक साल से अभियान चला रहे थे. उन्होंने नाम में बदलाव के लिए उस दस्तावेज का भी हवाला दिया था, जिसमें भीमराव अंबेडकर के हस्ताक्षरों में 'रामजी' नाम शामिल था. उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में पहले से ही बाबा साहेब के नाम के साथ उनके पिता का नाम जोड़ा जाता था, अब इसी तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी आदेश दे दिए हैं साथ ही सरकार ने रिकॉर्ड्स में सभी जरूरी बदलावों के निर्दश भी दिए हैं. दलित समुदाय के लिए जहां ये ख़ुशी की बात है वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक दांव-पेंच भी मान रहे हैं.  

आपको बता दें कि देश के संविधान को आकार देने वाले डॉक्टर भीमराव अंबेडकर मध्य प्रदेश के एक छोटे से गावं में 14 अप्रैल 1891 को जन्मे थे, वह आजाद देश के पहले कानून मंत्री बने थे. साल 1990 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था. डॉ. भीमराव अंबेडकर ने ही सबसे पहले छुआछूत, दलितों, महिलाओं और मजदूरों से भेदभाव जैसी कुरीति के खिलाफ आवाज उठाई थी. साल 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया, जिसके कारण लाखों दलितों ने ऐसा किया. 6 दिसंबर 1956 को डाॅयबिटिज के चलते उनका देहवसान हो गया था.

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