औषधि के अलावा जानें हल्दी का धार्मिक और ज्योतिष महत्व

हल्दी कि अगर बात करें तो सबसे पहले ध्यान रसोईघर में मौजूद मसाले पर जाता है, इसके अलावा इसका औषधिय दृष्टि से भी बहुत महत्व माना जाता है। यह कई बीमरियों के इलाज के लिए बड़ी उत्तम औषधिय के रूप में पहचानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते है कि हल्दी धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्व रखती है, इसके इस्तेमाल से आप अपने जीवन कि कई सारी समस्याओं का समाधान बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं। आज हम आपसे कुछ इसी सिलसिले पर चर्चा करने वाले हैं, यहां पर हम जानेंगे कि आखिर हम कैसे जीवन कि समस्याओं को हल्दी के माध्यम से खत्म कर सकते हैं।

धार्मिक महत्व – हल्दी विशेष प्रकार की औषधि है, जिसमें दैवीय गुण होते हैं। हिंदू धर्म में हल्दी का उपयोग शुभ और मंगलकारी कार्यों में किया जाता है। ज्योतिषी के मुताबिक हल्दी जीवन में संपन्नता लाती है। हल्दी विषरोषक होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है। इसका इस्तेमाल हवन और औषधियों में किया जाता है।

ज्योतिष महत्व – रंगों के आधार पर हल्दी का अलग-अलग ग्रहों से संबंध होता है। हल्दी तीन रंगों, पीले, नांरगी और काले रंग की होती है। कच्ची हल्दी का छिलका हटाने पर वह नांरगी रंग की दिखाई देती है और इस हल्दी का संबंध मंगल ग्रह से होता है। पीली हल्दी का संबंध देव गुरु बृहस्पति से होता है। काली हल्दी हल्की मटमैली होती है और इसका संबंध शनि ग्रह से होता है।ज्योतिष में बृहस्पति को मजबूत करने के लिए और बृहस्पति संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए पीली हल्दी का इस्तेमाल होता है।

बृहस्पति को मजबूत करना हो तो – हल्दी की साबूत गांठ लें। हल्दी को पीले धागे में बांधकर गले या हाथ में धारण करें। यह पीले पुखराज की तरह काम करता है इससे बृहस्पति मजबूत होता है। ध्यान रहें यह गुरुवार के दिन धारण करें।

 

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