देश के 30 ग्रुप बना रहे कोरोना की वैक्सीन, तीन तरह से चल रहा प्रयास

May 28 2020 07:24 PM
देश के 30 ग्रुप बना रहे कोरोना की वैक्सीन, तीन तरह से चल रहा प्रयास

नई दिल्ली: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत को बड़ी सफलता मिली है. देश में तीन प्रकार के टेस्ट विकसित हो चुके हैं, जबकि चौथी की तैयारी भी पूरी हो चुकी है. एक टेस्ट IIT दिल्ली ने विकसित किया है और एक चित्रा इंस्टीट्यूट ने. गुरुवार को प्रेस वार्ता में सरकार की तरफ से इसकी जानकारी दी गई.

भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर के विजय राघवन ने कहा देश में 30 समूह हैं, जो कोरोना की वैक्सीन बनाने का प्रयास कर रहे हैं. यह बहुत जोखिम भरी प्रक्रिया है. दुनिया में कई सारे लोग वैक्सीन की बात कर रहे हैं, लेकिन यह पता नहीं है कि किसकी दवा कारगर होगी. यदि  वैक्सीन वेस्ट हो जाती है तो नुकसान भी होता है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन हम आम लोगों को देते हैं न कि बीमार को और किसी भी अंतिम चरण के मरीज को इसलिए आवश्यक है कि वैक्सीन की क्वालिटी और सेफ्टी को पूरी तरह से टेस्ट किया जाए. उन्होंने कहा कि वैक्सीन 10-15 वर्ष में बनती है और इसकी लागत 200 मिलियन डॉलर के लगभग होती है. हमारा प्रयास है कि इसे एक वर्ष में बनाया जाए. इसलिए एक वैक्सीन पर काम करने की बजाए हम लोग एक ही समय में 100 से ज्यादा वैक्सीन पर काम कर रहे हैं.

के विजय राघवन ने आगे कहा कि वैक्सीन बनाने का प्रयास तीन तरह से हो रहा हैं. एक तो हम स्वयं कोशिश कर रहे हैं. दूसरा बाहर की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और तीसरा हम लीड कर रहे हैं और बाहर के लोग हमारे साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं. 

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