रद्द हुआ बीसाहेड़ा गांव का शुद्धिकरण कार्यक्रम

बुलंदशहर : उत्तरप्रदेश के बिसाहेड़ा गांव में दादरी हत्याकांड के बाद एक बार फिर तनावपूर्व माहौल फैल गया है। यहां पर चप्पे - चप्पे पर पुलिस तैनात है। दरअसल आज यहां पर शुद्धिकरण कार्यक्रम किया जाना था। जिसमें ग्रामीणों द्वारा चलसमारोह निकाला जाना था। मगर अब इसे रद्द कर दिया गया है। दरअसल प्रशासन द्वारा इस बारे में अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया। बिसाहेड़ा गांव के निवासी मोहम्मद अखलाक की 28 सितंबर को हत्या कर दी गई थी।

दरअसल यह कहा गया था कि अखलाक के घर में गौ मांस पकाया गया है। गांव के मंदिर से इस बात की घोषणा किए जाने के बाद कुछ लोग भीड़ का रूप लेकर अखलाक के घर पर पहुंचे। इसके बाद उसके पुत्र को पीटा गया। पुत्र घायल हो गया। भीड़ ने अखलाक को भी पीटा। पिटाई से अखलाक की मौत हो गई। इस घटनाक्रम के काफी दिनों बाद आज गांव में शुद्धिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाना तय था।

इस दौरान एक चलसमारोह मंदिर से निकालकर गौ - मूत्र से गांव का शुद्धिकरण किए जाने का सम्मेलन तय किया गया था।  मगर प्रशासन द्वारा पदयात्रा और शुद्धिकरण कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया। गांव के निवासी समाजसेवी एचके शर्मा ने गांव को मुख्यधारा में लाने का जिम्मा उठाया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि वाराणसी से साध्वी के नेतृत्व में संतों का दल बिसाहेड़ा गांव में पहुंचा। गांव में यात्रा निकालने की तैयारी चल रही थी कि इस बीच जानकारी मिली कि प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी है। जिस पर कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। 

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