उरी हमले पर अमेरिकी सांसदों ने जताई नाराज़गी

उरी हमले पर अमेरिकी सांसदों ने जताई नाराज़गी

वॉशिंगटन: रविवार को हुए भारतीय सैन्य केम्प पर हमले को लेकर सारे विश्व में इसकी निंदा की जा रही है. अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. इस हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हुए हैं.

हमले पर कड़ी निंदा करते हुए ‘सीनेट इंडिया कॉकस’ के सह अध्यक्ष डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा, ‘मैं जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय बेस केम्प पर हुए भीषण आतंकवादी हमले की निंदा करता हूं जिसके कारण 18 भारतीय जवानों की जान चली गई। इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।’ 

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए वार्नर बोले, ‘मैं हमले में जान गंवाने वाले जवानों के परिजन एवं उनके मित्रों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।’ इसके अलावा रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन ने भी हमले की निंदा की और कहा कि - "भारतीय सेना के जवानों पर सुबह होने से पहले जब हमला हुआ तब वे सो रहे थे। यह एक कायराना हरकत है जिसकी कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं भारत सरकार एवं मृतकों के परिजन के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।’ कॉटन ने आतंकवादियो से देश कि सुरक्षा के लिए कहा, ‘आतंकवाद के खतरे से हमारे लोकतंत्रों की रक्षा करने में अमेरिका और भारत दोनों का हित है और हमे साथ में इस पर विचार करना होगा। हमारे दोनों देशों को सुरक्षा साझेदारी गहरी करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध होना चाहिए ताकि कट्टरपंथी जिहादियों को हराया जा सके और क्षेत्र की स्थिरता कायम रखी जा सके।’

अमेरिकी बरिष्ठ अधिकारियों ने हमले कि कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देशों को एक जुट हो कर साझा कार्य करने कि सलाह दी है. हमले के लिए एशिया एवं प्रशांत संबंधी मामलों पर कार्य करने वाली उपसमिति के रैंकिंग सदस्य शेरमैन ने कहा, ‘मैं इस हमले से बेहद आहात हुआ हूँ और इसकी जितनी निंदा कि जाये कम है, मैं क्षेत्र की सरकारों को प्रोत्साहित करता हूं कि वे इन हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करें और उन्हें न्याय के दायरे में लाएं। अमेरिका को इन सरकारों को सहायता देना जारी रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चािहए कि वे आतंकवाद के खतरों को नष्ट कर सकें।’

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