फिर सामने आया CTBT का जिन्न, संधि पर हस्ताक्षर की मांग

संयुक्तराष्ट्र : एक बार फिर परमाणु अप्रसार संधि का जिन्न बोतल से बाहर निकल आया है। इस बार संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने भारत, पाकिस्तान और 6 अन्य देशों से सीटीबीटी पर हस्ताक्षर मंजूर किए जाने की बात कही है। यही नहीं इस दौरान कहा गया है कि परमाणु हथियार से मुक्त दुनिया को प्राप्त करने के उद्देश्य से संधि में शामिल होना नींव का अनिवार्य पत्थर है। परमाणु  परीक्षणों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस का आयोजन भी किया जाता है। 

जिसकी बैठक में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने कहा कि सीटीबीटी पर हस्ताक्षर न करने वाले देशों से इस पर सहमति का अनुरोध करता हूं। मून ने यह कहा कि इसके प्रभाव में चीन, डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक आॅफ कोरिया, मिस्त्र, भारत ईरान, इजरायल, पाकिस्तान और अमेरिका शामिल हैं।

इस मामले में बान की मून ने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व के लिए सीटीबीटी पर सहमति जरूरी है। उल्लेखनीय है कि वर्षों से सीटीबीटी पर सहमति बनाए जाने की तैयारियां की जाती रही हैं मगर कई देश इस पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। इन देशों का मानना है कि इसमें कुछ ऐसे पेंच हैं जो उन्हें मंजूर नहीं हैं। ये अपनी रक्षा स्वाधीनता को इस पर हस्ताक्षर कर सीमित नहीं करना चाहते। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान लगातार परमाणु शक्ति होने का दंभ भरता है और भारत को चेतावनी भरे लहजे में दोष देता रहता है। यही नहीं पाकिस्तान लगातार अपनी परमाणु शक्ति बढ़ा रहा है। 

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