डॉक्टर्स की फैमिली से ताल्लुक रखते है टीकू तलसानिया, बचपन से एक्टर बनने का था सपना

डॉक्टर्स की फैमिली से ताल्लुक रखते है टीकू तलसानिया, बचपन से एक्टर बनने का था सपना

आज यानी 7 जून को टीकू तलसानिया अपना जन्मदिन मना रहे है. उनके जीवन के बहुत से ऐसे रोचक किस्से है, जो हर कोई नहीं जानता है. वहीं, बीते 40 सालों से टीकू सिनेमाजगत से जुड़े हुए हैं. लेकिन इसकी तैयारी तब से चल रही थी, जब टीकू चौथी क्लास में पढ़ते थे. 7 जून, 1954 को बॉम्बे में पैदा हुए टीकू के घर में एकदम इंटेलेक्चुअल माहौल हुआ करता था. परिवार में कई डॉक्टर्स थे. पापा चाहते थे टीकू भी डॉक्टरी पढ़ें. लेकिन बालक टीकू का दिल एक्टिंग में लगा हुआ था. आगे जानते है उनके अभिनय की शुरूआत करने से पहले की दांस्ता. 

जानकारी के लिए बता दें कि वो स्कूल में होने वाले नाटकों में हिस्सा लेते और खूब सराहे भी जाते. जब लाइफ सीरियस होने लगी, तब टीकू ने एक्टिंग में अपना करियर बनाने का तय कर लिया. वो प्रवीण जोशी के थिएटर ग्रुप से जुड़ गए. पापा ताने देने लगे. तब एक्टिंग और फिल्मों को दोयम दर्जे का काम माना जाता था. टीकू के एक्टिंग में चले जाने के बाद उनके पापा को ये डर सताने लगा कि उनके घर कोई शादी नहीं करेगा. और उनका लड़का तो हाथ से निकल ही गया. लेकिन मम्मी का फुल सपोर्ट था. 

इसके अलावा टीकू लगातार अपने गुजराती थिएटर के साथ काम कर रहे थे. एक के बाद एक नाटकों में हिस्सा ले रहे थे. एक बार मशहूर फिल्ममेकर कुंदन शाह नाटक देखने पहुंचे. वही कुंदन शाह जिन्हें आगे चलकर ‘जाने भी दो यारों’, ‘कभी हां कभी ना’, ‘क्या कहना’ और ‘दिल है तुम्हारा’ जैसी फिल्में बनानी थीं. ‘किशमिश’ नाम के इस नाटक में टीकू भी काम कर रहे थे. कुंदन को उनका काम पसंद आया. उन्होंने टीकू को फोन कर बुलाया और अपने मशहूर टीवी सीरियल ‘ये जो है ज़िंदगी’ (1984) में कास्ट कर लिया. यहां से टीकू का एक्टिंग करियर ऑफिशियली शुरू हुआ. इसके बाद वो ‘ये दुनिया गज़ब की’ नाम के एक टीवी शो में भी नज़र आए.

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