GST बिल पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाएगी सरकार

Aug 25 2015 09:33 AM
GST बिल पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाएगी सरकार

नई दिल्ली : केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पर कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत सभी दलों की सहमति बन जाने के बाद ही इसे पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। जीएसटी विधेयक का उद्देश्य देश में तमाम तरह के अप्रत्यक्ष करों को समाप्त कर एक ही प्रकार की कर व्यवस्था लागू करना है। सरकारी वार्ताकारों ने इस विधेयक पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद से बात की लेकिन इसका कोई खास उत्साहजनक नतीजा नहीं निकला।

राहुल इस बात पर दृढ़ हैं कि यह विधेयक तभी पास हो सकेगा जब इसमें कांग्रेस के सुझाए बदलाव शामिल कर लिए जाएंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी जीएसटी पर आम राय बनाने के लिए सभी राजनैतिक दलों से मिल रहे हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अधिकांश दल विधेयक के पक्ष में हैं। सिर्फ कांग्रेस और वाम दल अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सरकार को बता दिया है कि विधेयक को उनका समर्थन तभी मिलेगा जब इस पर व्यापक स्तर सहमति बन जाएगी। सत्तारूढ़ राजग के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। उसके पास केवल 63 सांसद हैं जबकि बहुमत के लिए 245 सदस्यीय सदन में कम से कम 163 सदस्यों की सहमति जरूरी है।