विज्ञान ने कर दिखाया एक और चमत्कार

Feb 17 2016 03:58 PM
विज्ञान ने कर दिखाया एक और चमत्कार

वॉशिंगटन : विज्ञान ने एक और नए खोज को जन्म दिया है। वैज्ञानिकों ने नासा के चंद्र एक्स रे वेधशाला का प्रयोग कर खोज की कि बहुत दूर स्थित एक सुपर मैसिव ब्लैकहोल से निकली एक फुहार ब्रहमांड के प्राचीनतम प्रकाश में चमक रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस फुहार से जो प्रकाश मिली है, ये उस समय निकला जब ब्रहमांड 2.7 अरब साल पुराना था यानि मौजूदा उम्र का 5वां हिस्सा।

उस समय निकले माइक्रोवेव विकिरण की तीव्रता आज की तुलना में कहीं ज्यादा थी। ब्लैक होल में पाई गई इस फुहार को बी30724प्लस409 नाम दिया गया है। यह 3 लाख वर्ष पुराना है, लेकिन फिलहाल वैज्ञानिक यह जानने में जुटे है, कैसे ये फुहारें एक्स रे छोड़ती है। इस संबंध में अध्ययन करने वाली टीम का नेतृत्व कर रही जेएक्सए के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस ऐंड ऐस्ट्रोनोमिकल स्टडीज (आईएसएएस) की औरोरा सिमियोनेसक्यू ने कहा कि चूंकि हम यह फुहार उस वक्त देख रहे हैं जब ब्रह्मांड तीन अरब साल से कम उम्र का था, निकटवर्ती ब्रह्मांड की तुलना में यह फुहार एक्सरे में 150 गुना चमकीली है।

ब्लैक होल से इस फुहार की गति के इलेक्ट्रोन प्रकाश की गति के बराबर की गति से निकलते है और वे सीएमबी विकिरण समंदर से गुजरते है और जाकर माइक्रोवेव फोटॉन से टकराते है। इसका अर्थ यह हुआ कि 0724प्लस409 के इलेक्ट्रोनों को लाखों प्रकाश वर्षों तक प्रकाश की गति के करीब की गति से गमन करना चाहिए।