संसद में भारत बंद पर बोले राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी हंगामे के भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है. सत्र का यह आखिरी सप्ताह है लेकिन विपक्षी पार्टियों के हंगामें के कारण कोई भी कार्रवाही होगी, ऐसा लगता नहीं है. मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्षी दलों ने वी वांट जस्टिस के नारे लगाने शुरू कर दिए, इराक के मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों के परिवार के लिए मुआवजा की मांग करते हुए कांग्रेसी सांसद संसद की छत पर चढ़ गए हैं. 

वहीं एआईडीएमके सांसद, टीडीपी सांसद और टीएमसी सांसदों का अपनी-अपनी मांगों को लेकर अलग ही प्रदर्शन चल रहा है. इसी बीच सोमवार को एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में हुए भारत बंद पर मंगलवार को संसद में गृह मंत्री राजनाथ सिंह बयान दिया है. राजनाथ सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और कर्त्तव्यनिष्ठा पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया है. 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पीड़ितों की देने वाली राहत राशि में भी बढ़ोतरी की है साथ ही दोषियों के लिए सजा में नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं. उन्होंने भारत बंद के कारण देश में हुई हिंसा की निंदा की है और देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है. बीजेपी द्वारा आरक्षण ख़त्म करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही है. यह भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश है .वहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि वे हंगामे के बीच अविश्वास प्रस्ताव नहीं लेंगी.  

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