आतंक से लड़ना अंतर्राष्ट्रीय जरूरत : प्रणब मुखर्जी

अम्मान : भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अप्रत्यक्षरूप से पाकिस्तान की ओर ईशारा करते हुए कहा है कि भारत के लिए आतंकवाद एक बड़ा खतरा है। इससे निपटना अंतर्राष्ट्रीय प्राथमिकता हो। क्योंकि आतंकवाद से समूचा विश्व प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर पूर्ण संधि को वैसे ही स्वीकृत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आतंकी गतिविधियों के लिए अपनी धरती का उपयोग करने देने के प्रयासों पर रोक लगनी चाहिए। 

दरअसल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जाॅर्डन विश्वविद्यालय में डाॅक्टरेट की मानद उपाधि ग्रहण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने अपने उद्बोधन में सभी को आतंकवाद के प्रति सचेत किया। इस मामले में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि यह हमारा विश्वास है कि इस तरह की चुनौती का हम मजबूती से सामना करेंगे। 

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को रोकना है। राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा और कहा कि भारत में आतंक फैलाने के लिए वह जिम्मेदार है। भारत की ओर से उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर सहमति को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की संधि पर सहमति बनती है तो जो देश आतंकवाद को सहारा दे रहे हैं, उन्हें साजिश रचने का अवसर दे रहे हैं, वित्त पोषण कर रहे हैं उन्हें दंडित किया जा सकता है। 

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