पाकिस्तान में हिंदूओं की स्थति पर अमेरिकी सांसद ने जताई चिंता

Oct 05 2015 10:18 AM
पाकिस्तान में हिंदूओं की स्थति पर अमेरिकी सांसद ने जताई चिंता

वाशिंगटन : यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान में हिंदू बदहाली के शिकार हैं। ऐसा नहीं है कि धर्मांतरण केवल भारत में ही हो रहा है या घर वापसी केवल भारत में ही की जाती है। पाकिस्तान में भी धर्म को लेकर लोग परेशान रहते हैं यहां पर हिंदूओं के मानव अधिकारों का हनन होता है। हिंदूओं को किसी तरह का मौलिक अधिकार नहीं दिया गया है। यहां मानवाधिकार की हालत बेहद खराब है। हिंदूओं की महिलाओं को यहां मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाता है। अमेरिकी सांसद द्वारा इस सप्ताह सिंध में मानवाधिकार को लेकर ब्रीफिंग की गई। सांसद लोरेटा सांचेज द्वारा आरोप लगाया गया कि सिंध में मुस्लिम समुदाय हिन्दू औरतों से जबरदस्ती इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहा है। 

हाल ही में इस संबंध में अमेरिका के हाउस आॅफ रिप्रजेंटेटिव्ह सिंध काॅक्स में भी यह कहा गया कि मानवाधिकार उल्लंघन और अन्य अपराधों के कारण सिंध में मानवीय संकट के हालात हैं। सांसदों द्वारा भी इस पर सवाल उठाए गए और कहा गया कि सिंध के लोगों को सिंधी भाषा में संबोधित किया जाना चाहिए। 

यही नहीं वाईस आॅफ अमेरिका का प्रसारण सिंधी भाषा में किए जाने में वे बेहद सफल हुए हैं। शरमन द्वारा कहा गया कि कराची में अमेरिका द्वारा वेबसाईट सिंधी में प्रारंभ की गई। इस दौरान कई मसलों पर महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया गया। सांसद एडम शिफ द्वारा कहा गया कि इस तरह की ब्रीफिंग में भी भागीदारी की गई है।

धर्म परिवर्तन को लेकर वहां के मदरसों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। दूसरी ओर मुज्तबा द्वारा आरोप लगाया गया है कि आतंकी हाफिज सईद और जमात-उल-दावा को सिंध क्षेत्र में भारत से ही सटे थार रेगिस्तान के क्षेत्र में ठट्टा के तटीय क्षेत्र में गतिविधियों का संचालन किया गया।