नेपाली राजदूत की चेतावनी 'हमें चीन की तरफ जाने को मजबूर न करे भारत'

नई दिल्ली : नेपाल ने भारत से कहा कि पेट्रोलियम और दूसरी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालकर भारत उसे चीन की तरफ जाने को मजबूर कर रहा है. भारत द्वारा जल्द से जल्द हालात का समाधान होने के आश्वासन पर नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने कहा कि भारत को एक समय अवधि देना चाहिए. एक इंटरव्यू में उपाध्याय ने कहा कि अगर आप हमें मजबूर करेंगे या जैसा कि आप कहते हैं मरता क्या ना करता तो हम दूसरे देशों से संपर्क करने को विवश हो जाएंगे और यदि सामान भेजने संबंधी परेशानियों को लेकर अगर कोई विकल्प नहीं बचता तो नेपाल चीन सहित अन्य देशों से मदद माँगेगा.

उपाध्याय ने कहा कि नेपाल जरूरी सामान की आपूर्ति को लेकर भारत से बात कर चुका है. जिस पर भारत ने जल्द से जल्द मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया था. भारत विरोधी प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि भूंकप के समय भारत ने नेपाल की मदद की थी, तब सभी ने उनकी तारीफ की और उनका शुक्रिया किया, लेकिन जब आपूर्ति में बाधा आएगी तो लोगों का प्रतिक्रिया और प्रदर्शन करना स्वभाविक है.

नेपाली राजदूत ने समझौते के बावजूद भी इंडियन ऑयल के रक्सौल के IOC डिपो से नेपाल के लिए पेट्रोल, डीजल, घरेलू LPG और विमान ईंधन की आपूर्ति न करने पर भी गुस्सा जताया. बता दें कि तेल और गैसोलीन आपूर्ति न होने से नेपाल ने यातायात आवाजाही पर रोक लगा दी है और विमानों को देश के बाहर से ईंधन भरने को कहा गया है.

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