नासा का दावा, चाँद से लाइ हुई मिटटी और पत्थर से खुले ब्रम्हांड के कई राज़

Jun 16 2019 08:30 PM
नासा का दावा, चाँद से लाइ हुई मिटटी और पत्थर से खुले ब्रम्हांड के कई राज़

ह्यू्स्टन: आज से तक़रीबन 50 वर्ष पूर्व नासा के मिशन अपोलो 11( Mission Apollo 11) में सवार अंतरिक्ष वैज्ञानिक नील आर्मस्ट्रांग द्वारा एकत्रित की गई चांद की मिट्टी और पत्थर के नमूनों ने ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदलने में हमारी काफी सहायता की है। नासा के अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों ने इस दौरान वर्ष 1969 से 1972 के बीच चांद पर अपने छह अभियानों के दौरान 842 पाउंड (382 किलो) मिट्टी और पत्थर इकठ्ठा किए थे और इस सामग्री को पृथ्वी पर ले आए। 

अब उन्होंने कहा है कि इन सभी नमूनों ने ब्रह्मांड को समझने में हमारी काफी सहायता की है। नासा के एक खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस ने इस बात का दावा  किया है। नासा के खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस के अनुसार चांद पर मिले ये पत्थर पृथ्वी पर सबसे मूल्यवान चीजों में से एक हैं। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में कार्य करने वाले लॉरेंस ने मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि, 'चांद पर मिलने वाला पत्थर सौरमंडल के रोसेटा स्टोन हैं। यह खगोल विज्ञान का आधार है। 

हालांकि लोगों को इस बात की प्रशंसा करनी चाहिए कि अपोलो मिशन से आए नमूनों का अध्ययन करना सौरमंडल और हमारे चारों तरफ के ब्रह्मांड को समझने के लिए कितना अहम् था। खगोल विज्ञान में कई खोज जो हम कर पाए न सिर्फ चंद्रमा बल्कि बुध, मंगल ग्रह और कुछ क्षुद्र ग्रहों पर भी, ये सभी शोध सीधे अपोलो मिशनों के दौरान प्राप्त हुए कुछ नतीजों से संबंधित हैं।'

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