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12 हजार छात्रों ने लोन लेकर पढ़ाई की और अब हो गए गायब

12 हजार छात्रों ने लोन लेकर पढ़ाई की और अब हो गए गायब

लंदन: लोन लेकर पढ़ाई करने के बाद कई छात्र लापता हो गए है. यूरोपियन यूनियन के हजारों छात्रों ने लोन लेकर ब्रिटिश यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और डिग्री हासिल करने के बाद वो लापता हो गए है. स्टूडेंट्स को लोन देने वाली कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, उनके पास 12,314 छात्रों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

इन छात्रों पर कुल 8.9 करोड़ पाउंड यानि 890 करोड़ रुपए बकाया है. आंकड़ों की माने तो एक बार घर पहुंचने के बाद यूरोपियन यूनियन के छात्रों के लिए लोन की रीपेमेंट से बचना आसान हो जाता है. लापता हुए छात्रों ने अधिकारियों के साथ भी संपर्क खत्म कर दिए है।

औसतन प्रत्येक छात्र पर करीब 7 लाख रुपए का बकाया है. ये आंकड़े फ्रीडम ऑफ इँफॉर्मेशन एक्ट के तहत जुटाए गए है. ऐसे छात्रों में 2010 के बाद से इजाफा होना शुरु हुआ, तब 5000 छात्रों पर 2.5 करोड़ पाउडंका कर्ज था. सभी यूरोपियन यूनियन राज्‍यों के छात्र इंग्‍लैंड की यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए साल 2006 से ट्यूशन फी लोन लेने के पात्र बने थे. उनका पहला बैच 2009 में निकला था।