भारत, पाक और ब्रिटेन पर मार्शल द्वीपसमूह करेगा अंतर्राष्ट्रीय अदालती कार्यवाही

Jan 31 2016 11:56 AM
भारत, पाक और ब्रिटेन पर मार्शल द्वीपसमूह करेगा अंतर्राष्ट्रीय अदालती कार्यवाही

द हेंग : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा अदालती मामला एक बार फिर हो सकता है और इस मुद्दे को उठाने मे मार्शल द्वीपसमूह अहम भूमिका निभा रहा है। मार्शल द्वीपसमूह ने भारत, पाक और ब्रिटेन पर नि:शास्त्रीकरन का उल्लंघन करते हुए परमाणु हथियारों की होड़ समाप्त करने में असफल होने का आरोप लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय अदालत मे कार्यवाही करने का पूरा मन बना लिया है। 1945 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इन देशो के बीच चल रहे कानूनी झगड़ो को खत्म करने के लिए बीते शुक्रवार को घोषणा की है कि तीन मामलों की अलग-अलग सुनवाई सात मार्च से 16 मार्च के बीच की जाएगी।

इन तीनों देशो के मामलो को अदालत मे अलग-अलग एंगल से निपटाया जाएगा। पहला भारत और पाकिस्तान के खिलाफ लाए गए मामलों में न्यायालय यह देखेगा कि द हेग स्थित न्यायाधिकरण इन मामलों की सुनवाई के लिए समर्थ है भी या नहीं। वहीं ब्रिटेन से जुड़ी सुनवाई में लंदन द्वारा उठाई गई "प्रारम्भिक आपत्तियो" पर गौर किया जाएगा। बाद में यह फैसला किया जाएगा कि मामला चलाया भी जा सकता है या नहीं।

हम आपको जानकारी के लिए बता दे कि हिन्द महासागर का एक छोटा सा क्षेत्र है मार्शल द्वीपसमूह जिसकी कुल आवादी ही 55 हजार है यहा ये तो जाहीर हो ही रहा है कि इस छोटे से द्वीप को विश्व कि सभी बड़ी शक्तियों से खतरा है इस द्वीप ने सन 2014 मे 9 देशो के खिलाफ आरोप लगाया था कि ये एक तय तिथि पर परमाणु हथियारों की होड़ बंद कर देने और परमाणु निशस्त्रीकरण के अपने वादे पूरे नहीं कर रहे। इन नौ देशों में चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, भारत, इस्राइल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस और अमेरिका शामिल हैं। लेकिन फिलहाल भारत, पाक और ब्रिटेन पर ही कार्यवाही कि जाएगी।