कलाई की रेखा बताती है आपकी आयु, जानिए कैसे

Jun 16 2019 08:00 PM
कलाई की रेखा बताती है आपकी आयु, जानिए कैसे

आप सभी को बता दें कि शास्त्रों के मुताबिक मनुष्य की हाथ की रेखाओं में उसका भविष्य लिखा होता है और कहा जाता है हाथों की रेखाओं को देखकर मनुष्य के वर्तमान तथा भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में पता लगाया जा सकता है. कहा जाता है ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार सिर्फ हाथों पर बनने वाली लकीरे ही नहीं, अपितु माथे पर बनने वाली लकीरे एवं शरीर पर पाए जाने वाले कई निशान मनुष्य के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताते हैं. जी हाँ, ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि हाथों की मणिबंध रेखा से कैसे आप अपने जीवन के बारे में पता लगा सकते हैं. आइए जानते है.

कहा जाता है ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार इन रेखाओं को 'मणिबंध रेखा' कहा जाता है. आप सभी को बता दें कि कलाई पर मौजूद होने वाली यह मणिबंध रेखाएं व्यक्ति के उम्र के बारे में बताती है और अगर आप ध्यान से देखेंगे तो हर इंसान के कलाई में इन रेखाओं की स्थिति अलग अलग तरह से होती. ऐसे में इन रेखाओं की संख्या अधिकतम 4 होती जबकि अगर न्यूनतम की बात करें तो यह एक होती है. कहा जाता है समुद्र शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कलाई में इन रेखाओं की संख्या 4 होती है, ऐसे लोग शतायु होते हैं अर्थात उनकी आयु बहुत लंबी होती है. ऐसे में जिन लोगों की कलाई में इन रेखाओं की संख्या 3 होती है, ऐसे लोग तकरीबन 70 से 75 साल की आयु जीते हैं और जिन लोगों की कलाई में यह रेखाएं दो होती हैं, ऐसे लोगों की आयु लगभग 50 से 55 साल होती है. इसी के साथ जिन लोगों के हाथों में यह रेखा केवल एक होती है, ऐसे लोग अल्पायु होते हैं.

इसी के साथ समुद्र शास्त्र के अनुसार पुरुषों के ताई हाथों में इन रेखाओं को देखा जाता है जबकि महिलाओं के बाएं हाथ में इन रेखाओं को देखा जाता है और ऐसा माना जाता है कि जिन व्यक्तियों की कलाई में मणिबंध रेखाएं बिल्कुल सीधी बनी होती है और बीच मे कहीं भी टूटी नहीं होती है, ऐसे व्यक्ति के जीवन में किसी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं आती है. आप सभी को बता दें कि इसके विपरीत यदि किसी व्यक्ति के हाथों में रेखा सीधी ना होकर बीच में टूटी हुई होती है तो ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्षमय होता है.

सौतन से छुटकारा पाने के लिए करें यह आसान टोटके, पति करेगा सिर्फ आपसे प्यार

एक कटोरी में भरकर इस जगह पर रख दें बारिश का पानी और फिर देखे कमाल

17 जून को है कबीर जयंती, यहाँ पढ़िए उनके कुछ ख़ास दोहे