मैनपुरी लोकसभा सीट: मुलायम का अंतिम चुनाव, इतिहास रचने की कोशिश में सपा

मैनपुरी लोकसभा सीट: मुलायम का अंतिम चुनाव, इतिहास रचने की कोशिश में सपा

मैनपुरी: समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक मुलायम सिंह यादव एक बार फिर अपने किले मैनपुरी से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इस लोकसभा सीट से यूं तो मुलायम सिंह यादव के लिए जीत दर्ज करना कोई नई बात नहीं है, किन्तु जबसे 'नेताजी' ने यह ऐलान किया है कि यह उनका आखिरी चुनाव है, पार्टी कार्यकर्ता और उनके समर्थक इस लोकसभा चुनाव को उनके लिए ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जी जान से लग गए हैं।

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मैनपुरी में मुलायम सिंह को अब तक की सबसे विशाल जीत दिलाने के लिए सपा के साथ बसपा के भी कार्यकर्ता और समर्थक मैनपुरी में दिन-रात एक कर रहे हैं। 79 वर्षीय मुलायम सिंह यादव 2014 चुनाव में आजमगढ़ लोकसभा सीट से मैदान में उतरे थे। 2014 में जबकि पूरे यूपी में प्रचंड मोदी लहर में एक तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एकतरफा (80 में 71) जीत हासिल की थी, लेकिन मुलायम सिंह यादव सपा के किले आजमगढ़ को बचा पाने में कामयाब रहे थे। 

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इस बार मुलायम सिंह मैनपुरी से चुनावी समर में हैं। मैनपुरी में नेताजी सिर्फ 1 अप्रैल को नामांकन भरने के लिए गए थे। उसके बाद से ही मुलायम लखनऊ में हैं। वहीं, मैनपुरी में उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए कार्यकर्ता और समर्थक जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं। सौपा के सैफई जिलाध्यक्ष संतोष कुमार प्रधान ने कहा है कि, नेताजी यहां कभी चुनाव प्रचार नहीं करते। यहां खुद लोग उनका समर्थन करने के लिए तत्पर रहते हैं, क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया में मैनपुरी की पहचान कायम करवाई है। 

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