जल सत्याग्रह का समर्थन करने पहुंचे कुमार विश्वास का मध्यप्रदेश में विरोध

Apr 26 2015 09:43 AM
जल सत्याग्रह का समर्थन करने पहुंचे कुमार विश्वास का मध्यप्रदेश में विरोध
style="text-align: justify;">मध्यप्रदेश/खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने के विरोध में जल सत्याग्रह शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास को रास्ते में कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, उन्हे काले झंडे भी दिखाए गए। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आंदोलन को कुछ लोगों का आंदोलन करार दिया है।

नर्मदा नदी पर बने ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर 189 मीटर से बढ़ाकर 191 मीटर किए जाने के विरोध में ग्रामीण और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता 11 अप्रैल से जल सत्याग्रह कर रहे हैं। सत्याग्रहियों की हालत लगातार बिगड़ रही हैं। पैरों की खाल गल रही है, खून रिस रहा है और वह जलीय जंतुओं का निवाला बन रहा है। घोगल गांव में चल रहे इस जल सत्याग्रह के 15वें दिन शनिवार को समर्थन करने कुमार विश्वास पहुंचे।

कुमार विश्वास ने सत्याग्रह को आम आदमी पार्टी का पूरा समर्थन जताया और बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल प्रतिदिन जल सत्याग्रह पर बैठे लोगों की आम आदमी पार्टी के प्रदेश के संयोजक आलोक अग्रवाल से जानकारी लेते रहे हैं और इन सब के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह से गरीब किसानों का शोषण करती रही तो वह दिन दूर नहीं जब नर्मदा मैया के तट पर लड़ाई होगी और उसका परिणाम सरकार को 2017 के चुनाव में देखने को मिलेगा। साथ ही कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि कई ऐसे भी लोग हैं जो किसानों के विकास की बातें करते हैं और उन्हें बाजरा, मक्का और ज्वार में अंतर भी नहीं पता।

कुमार विश्वास इंदौर से घोगल गांव जाते वक्त बडवाहा, सनावद, मोरटक्का और करोली में कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए। आप का आरोप है कि काले झंडे दिखाने वाले भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे, जिन्होंने बौखलाहट में गाड़ियों पर पत्थर भी फेंके । वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने इस सत्याग्रह को कुछ लोगों का विरोध बताया है। उनका कहना है कि 213 लोग ही ऐसे हैं, जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है। वहीं नहरों में पानी पहुंचने से लाखों किसान लाभान्वित होने वाले हैं। बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने से नहर में तो पानी पहले ही पहुंच जाना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं हो पाया, अब पहुंचा है।