लोगों को सुरक्षित रखता है आरएसएस: पूर्व न्यायाधीश

कोट्टायम। इन दिनों राजनीतिक तौर पर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तरह-तरह के आरोप लगाने में लगे हैं। मगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को लेकर, कुछ लोगों का मानना अलग है। इन लोगों का मानना है कि, संविधान लोकतंत्र और सेना के बाद आरएसएस ही ऐसा संगठन है जो कि, देशवासियों को सुरक्षित रखता है। यह मानना है सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश केटी थाॅमस का।

उन्होंने, रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित किया। उनका कहना था कि, आपातकाल से देश को स्वाधीनता दिलाने का श्रेय यदि किसी को दिया जाना चाहिए तो फिर, वह आरएसएस को दिया जा सकता है। इस मामले में थाॅमस ने कहा कि वे इस बात का अनुभव करते हैं कि आरएसएस राष्ट्र रक्षा के संस्कार पैदा करता है। पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति केटी थाॅमस ने कहा कि, आरएसएस में लोगों को शारीरिक दृढ़ता को लेकर जानकारी दी जाती है।

उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है। आरएसएस की शारीरिक ट्रेनिंग भले ही किसी की भी हो, वह देश और समाज रक्षा की बात बताता है। थाॅमस द्वारा कहा गया कि, लोगों को सुरक्षित रखने वाला देश में संविधान, लोकतंत्र और सेना है लेकिन एक अन्य वर्ग है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ।

आरएसएस को लेकर, उन्होंने कहा कि अधिकांशतः भारत में हिंदू शब्द किसी धर्म विशेष के बारे में बताता है लेकिन यदि सकुलरिज़्म की बात करें तो यह धर्म की रक्षा के लिए है। अल्पसंख्यकों को लेकर उन्होंने कहा कि, भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां अल्पसंख्यकों के हित में आयोग गठित है।

यहां पर अल्पसंख्यकों के लिए अधिकार हैं, उन्हें धार्मिक विश्वास और जनसंख्या के आधार पर यह तय किया गया है। हालांकि अल्पसंख्यक उन अधिकारों की मांग करते हैं जो कि बहुसंख्यक के पास भी नहीं हैं। उन्होंने आरएसएस को एक बेहतर संगठन बताते हुए कहा कि, यह संगठन भारत में रहने वालों के साथ राष्ट्र सुरक्षा की बात भी करता है।

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