जम्मू - कश्मीर में 30 साल से बंधुआ मजदूर बने होंगे मुक्त

कोरबा - गत 30 वर्षों से ग्राम बिरदा के एक परिवार के 7 लोग और एक अन्य परिवार के 5 लोग 12 साल से जम्मू - कश्मीर में ईंटभट्ठा में काम कर रहे हैं. दोनों परिवार को वापस गांव लौटने नहीं दिया जा रहा है. इसकी शिकायत पैरालीगल वॉलीटिंयर्स त्रियुगी नारायण ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा में किये जाने पर जिला न्यायाधीश ने बंधुआ मजदूरों को छुड़ाने के निर्देश दिए हैं.

इस सम्बन्ध में बिरदा निवासी बृजलाल सोनी ने पूरे घटना क्रम से अवगत कराते हुए बताया कि पिछले 30 साल से उनके परिवार के कुल 7 सदस्यों को ग्राम चकमोड़ अकनूर के आगे तहसील व जिला जम्मूतवी के ईंटभट्ठा में मजदूरी का कार्य करवाया जा रहा है.उन्हें वापस ग्राम बिरदा आने नहीं दिया जा रहा है और न ही उन्हें नियमित रूप से मजदूरी भुगतान किया जा रहा है.

इसी तरह ग्राम बिरदा के ही अन्य निवासी घासीराम कश्यप पिता स्वर्गीय इंदरमन कश्यप के बड़े पुत्र फुलसाय के परिवार के कुल 5 सदस्य पिछले 12 साल से ग्राम पंचायत बल, तहसील सुंदरमणी जिला रजोरी (जम्मू व कश्मीर) के ईंटभट्ठे में कार्य कर रहे हैं. दोनों परिवार के सदस्यों को ग्राम बिरदा एक साथ आने नहीं दिया जा रहा है.

जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देश पर उर्मिला गुप्ता प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा को उक्त मजदूरों को जम्मू एवं कश्मीर से छुड़वाने की कार्रवाई किए जाने हेतु पुलिस अधीक्षक कोरबा एवं पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर को पत्र लिखा है.उम्मीद है सभी बंधुआ मजदूर जल्द मुक्त होकर अपने घर लौट आएँगे.

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