निवेश में हासिल कर सकते है जबरदस्त फायदा, पता होनी चाहिए ये बात

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण हर किसी को पैसे की आवश्यकता है. वही, सफलता की चाह रखने वाला हर इंसान अतीत में सफल हुए लोगों के बारे में जानना चाहता है. उनकी सफलता के पैटर्न पर चलते हुए उसे दोहराना चाहता है. निवेशकों के मामले में भी यही सच है. वे सिर्फ सफलता की कहानियां पढ़ना और सुनना चाहते हैं. वे सिर्फ यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं कि बचत या निवेश में क्या करना चाहिए. लेकिन हकीकत यह है कि सफलता के साथ-साथ अगर विफलता का भी विश्लेषण किया जाए और समझने की कोशिश की जाए कि कोई निवेश सफल क्यों नहीं हुआ, तो निवेशक के लिए ज्यादा कारगर पहलू सामने आ सकते हैं. सफलता की कहानियां जरूरी पढ़नी चाहिए, उससे ऊर्जा मिलती है. लेकिन विफलता की कहानी भी उसी तन्मयता से पढ़नी चाहिए, क्योंकि उससे सबक मिलती है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि वैल्यू रिसर्च पिछले दो दशकों से कई वेबसाइट और मैग्जीन प्रकाशित कर रही है. मैंने गौर किया है कि नेगेटिव आर्टिकल पाठकों में लोकप्रिय नहीं हैं. आप शायद जानना चाहें कि नेगेटिव आर्टिकल क्या है. नेगेटिव आर्टिकल या विश्लेषण यह बताता है कि बचत या निवेश में क्या बुरा है, यह बताता है कि आप क्या न करें. एक पॉजिटिव आर्टिकल आपको बताता है कि क्या अच्छा है, आपको समझाता है कि क्या करना चाहिए. एक पॉजिटिव आर्टिकल रकम बनाने के बारे में होता है. वहीं नेगेटिव आर्टिकल रकम न गंवाने के बारे में होता है. आमतौर पर इक्विटी निवेशक नेगेटिव आर्टिकल्स नहीं पढ़ना चाहते हैं. वे बहुत आशावादी होते हैं.

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इसके अलावा इक्विटी में निवेश से निवेशक आशावादी बन जाते हैं और सब अच्छा-अच्छा देखने लगते हैं. यह सच नहीं है. हकीकत इसके ठीक विपरीत है. असल में होता यह है कि स्वाभाविक तौर पर आशावादी लोग ही इक्विटी निवेशक बनते हैं. इक्विटी में निवेश शुरू करने के लिए जरूरी है कि आपमें इस बात को लेकर मजबूत भरोसा होना चाहिए कि वर्तमान के मुकाबले भविष्य बेहतर होगा. अब आप समझ गए होंगे कि इक्विटी निवेशक नेगेटिव स्टोरीज पढ़ना क्यों नहीं पसंद करते हैं. अगर मुझे रीडरशिप बढ़ाने और सबको खुश करने की चिंता होती तो वैल्यू रिसर्च भी सिर्फ आशावादी लेखों पर ही फोकस करती. दुर्भाग्य से निवेश इससे कहीं ज्यादा जटिल है. गलतियां या खराब फैसले आपके निवेश की वैल्यू को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा सकते हैं. और ऐसा भी नहीं कि अच्छे फैसलों से इस नुकसान की भरपाई हो जाए. यह भरपाई लगभग मुश्किल होती है.

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