तालिबान के साथ चर्चा करेगा भारत, किन्तु घाटी के आतंकियों से कोई बात नहीं - बिपिन रावत

Jan 11 2019 09:58 AM
तालिबान के साथ चर्चा करेगा भारत, किन्तु घाटी के आतंकियों से कोई बात नहीं - बिपिन रावत

नई दिल्ली : आतंकी संगठन तालिबान के साथ बातचीत का पक्ष लेने के एक दिन बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि यही रुख जम्मू कश्मीर में नहीं लागू नहीं किया जा सकता. जनरल रावत ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य में आतंकवादी संगठन के साथ कोई भी बातचीत सरकार द्वारा तय शर्तों के आधार पर की जाएगी.

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सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि इमरान खान के पाकिस्तान का पीएम बनने के बाद जम्मू कश्मीर सीमा पर भारत के प्रति पाकिस्तान के आक्रामक रवैये में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने कहा है कि, पाकिस्तानी नेता केवल अमन की बात कर रहे हैं और जमीन पर स्थिति में सुधार करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं. जनरल रावत ने 15 जनवरी को सेना दिवस से पूर्व आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा है कि कश्मीर में सीमा पर 300 से ज्यादा आतंकवादी घुसपैठ के फिराक में बैठे हुए हैं, किन्तु हमारे जवान उनके नापाक प्रयासों को नाकाम करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा है कि, ''सरकार कश्मीर से निपटने के लिए कड़ा और नरम रवैया अपना रही है. 

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उन्होंने आतंकी संगठन तालिबान के साथ होने वाली वार्ता में कई देशों के शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा है, कि भारत को इससे अलग नहीं रहना चाहिए क्योंकि अफगानिस्तान में भारत के ''हित'' हैं. जनरल रावत ने कहा है कि, ''यही रवैया जम्मू कश्मीर के लिए लागू नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा है कि यह हमारे और हमारे पश्चिमी पड़ोसी देश के मध्य एक द्विपक्षीय मुद्दा है, इसमें किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के लिए कोई जगह नहीं है.

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