जिस 'चावल' की खीर खाकर भगवान बुद्ध ने तोड़ा था उपवास, वह पीएम-राष्ट्रपति को उपहार में मिलेगा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर की पहचान काला नमक चावल की अब ग्लोबल ब्रांडिंग करने की योजना बना रही है। 20 अक्टूबर को कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद इसे पूरे विश्व में पहुंचाया जाएगा। काला नमक सरकार की ODOP योजना में शामिल है। मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने काले नमक से बनी चावल की खीर से ही अपना उपवास तोड़ा था। उसी समय से इसे भगवान बुद्ध का महाप्रसाद भी कहा जाता है। 

अब यही चावल पीएम नरेन्द्र मोदी, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) सहित बौद्ध अतिथियों को गिफ्ट हैंपर के तौर पर दिया जाएगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में 20 अक्टूबर को तथागत महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर आ रहे बौद्ध अतिथियों को 'बुद्ध का महाप्रसाद' उपहार के रूप में दिया जाएगा। भगवान बुद्ध के जन्मस्थल क्षेत्र से संबंधित सिद्धार्थनगर जिले के विशिष्ट उत्पाद, स्वाद, सुगंध और पोषण के मामले में बेजोड़ काला नमक चावल को भगवान बुद्ध ने प्रसाद के रूप में ग्रहण कर अपने शिष्यों को भी यह चावल खिलाया था। 

बता दें कि विलुप्त से हो रहे काला नमक धान की इस प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन के लिए योगी सरकार ने इसे महत्वाकांक्षी एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना में शामिल कर इसको अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम किया है। देश-विदेश से आ रहे प्रमुख बौद्ध अनुयायियों और अन्य मेहमानों को तोहफे के रूप में देकर इस चावल की ग्लोबल ब्रांडिंग और मजबूत की जाएगी।

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