EDITOR DESK: इमरान की जीत भारत के लिए साबित होगी 'बाउंसर'

Jul 26 2018 05:46 PM
EDITOR DESK:  इमरान की जीत भारत के लिए साबित होगी 'बाउंसर'

पााकिस्तान में वही हुआ, जिसका अंदेशा था। सेना के साये में इमरान खान पाकिस्तान के पीएम की कुर्सी पर काबिज होंगे। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान—तहरीक—ए—इंसाफ आम चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि इन चुनावों में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। लेकिन जो स्थिति है, उससे इमरान खान पाक के सुल्तान बनेंगे।

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इमरान खान को जिताने के पीछे पाकिस्तानी सेना का बहुत बड़ा हाथ है। दरअसल, सेना और पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई चाहती थी कि पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार बने और ऐसा ही हो रहा है। सेना यह भी चाहती थी कि किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिले, जिससे उसकी पकड़ पाकिस्तानी सत्ता पर मजबूत रहे। सेना की यह मंशा इन चुनावों में पूरी हो गई है। इमरान खान की पार्टी को 119 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत के लिए उन्हें 137 सीटें चाहिए थीं।

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अगर हम भारत के हिसाब से देखें, तो इमरान खान की यह जीत भारत के लिए किसी भी लिहाज से ठीक नही है। दरअसल, इमरान खान की सोच पाकिस्तानी सेना से काफी मिलती—जुलती है और वह कट्टरपंथियों के लिए नरम रुख भी रखते हैं। कई मौकों पर उन्होंने पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के पक्ष में बयान भी दिए हैं। इसलिए कई बार इमरान खान के विरोधी उन्हें 'तालिबान खान' भी कहते हैं। भारत के लिए इमरान खान का रुख काफी सख्त रहा है और वह भारत के खिलाफ सोच का समर्थन करते हैं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान इमरान ने भारत से नवाज शरीफ की दोस्ती को लेकर कई सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं उन्होंने एक भाषण में कहा था कि अगर भारत के साथ जंग होती है, तो उनके पीएम  बनने के बाद भारत को गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। भारत की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी इमरान खान ने कहा था कि वह नवाज शरीफ को बताएंगे कि कैसे भारत को जवाब दिया जाता है।

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उनके इस रुख से लगता है कि भारत के लिए अब पाक से शांति  का रिश्ता बनाए रखना काफी मुश्किल होगा। भारत के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तानी सरकार से कश्मीर मुद्दे को लेकर बातचीत करना होगी, क्योंकि इमरान खान के पीछे पाक सेना है, जो कश्मीर में शांति नहीं चाहती। इमरान की ताजपोशी के साथ ही भारत को अपनी पाक—नीति में आमूल—चूल परिवर्तन करने होंगे और नए सिरे से पड़ोसी देश से रिश्ते शुरू करने होंगे।

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