कोरोना काल में इस खिलाड़ी ने पेश की मानवता की अनोखी मिसाल

Aug 01 2020 02:48 PM
कोरोना काल में इस खिलाड़ी ने पेश की मानवता की अनोखी मिसाल

कोरोना महामारी में देश के कई लोग मसीहा बनकर सामने आये है. वही इस बीच जिन हाथों के बल पर वे हवा में करतब दिखाते हैं, आज उन्हीं हाथों से कोरोना का टेस्ट कर रहे हैं. COVID-19 के भारत में दस्तक देने से पूर्व तक सब उन्हें राष्ट्रीय स्तर के आर्टिस्टिक जिम्नास्ट के रूप में जानते थे, किन्तु आज उनकी पहली पहचान अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा के तौर पर है. 

ये हैं 22 वर्षीय सौम्यसारथी गांगुली. राज्य स्तर पर पांच गोल्ड मैडल व राष्ट्रीय स्तर पर दो रजत और चार कांस्य पदक जीत चुके. सौम्यसारथी इस कठिन परिस्थिति में कोलकाता के पीयरलेस हॉस्पिटल में माइक्रो बायोलॉजिस्ट के रूप में पूरी शिद्दत से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. वे COVID-19 के टेस्ट के लिए प्रतिदिन 50 से 60 संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह करते हैं.

वही कोलकाता के गरिया क्षेत्र के रहवासी सौम्यसारथी ने दीनबंधु एंड्रयूज कॉलेज से माइक्रो बायोलॉजी में बीएससीकिया है, और वर्तमान में आइआइटी खड़गपुर से मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में एमएससी कर रहे हैं. सौम्यसारथी रोजाना छह से सात घंटे पूरी लगन से यह कार्य करते हैं. उन्होंने कहा-'COVID-19 के संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह कर, उनका टेस्ट करने में जोखिम तो है किन्तु एक माइक्रो बायोलॉजिस्ट होने के नाते मैं इस काम से कैसे मुंह फेर सकता हूं? मुझे यह काम कर बहुत गर्व की अनुभूति होती है और महसूस होता है कि संकट की इस घड़ी में मैं मानवता की सेवा कर पा रहा हूं.' ओर उनके द्वारा किया हुआ ये कार्य सभी के लिए प्रेरणा है.

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