इन दो चीजों को गंगा नदी में बहाने से खत्म हो जाता है बुरी नजर का असर

ज्योतिष कालगणना पंचांग के अनुसार इस साल 8 मई दिन रविवार, यानी कि आज वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी है। जी हाँ और पुराणों के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि इसी दिन गंगा माता का धरा पर अवतरण हुआ था इसलिए गंगा स्नान, सूर्य को अर्घ्य दान का विशेष महत्व है। जी दरअसल मां गंगा को पापनाशिनी देवी कहा जाता है और इस वजह से गंगा के पवित्र जल में स्नान करने मात्र से लोगों के सभी पाप धुल जाते हैं।

आप तो जानते ही होंगे किसी भी पूजा पाठ में गंगाजल का विशेष महत्व है। जी दरअसल ऐसी मान्यता है कि गंगा के जल में कभी भी कीड़े नहीं पड़ते, यह जल कभी प्रदूषित नहीं होता इसलिए तमाम तरह के शारीरिक रोगों के इलाज में गंगा जल के सेवन को मान्यता दी गई है। इसी के साथ गंगा सप्तमी के दिन 2 ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें गंगा नदी में बहाने से न सिर्फ कुदृष्टि का असर खत्म हो जाता है बल्कि ऊपरी बाधाओं के चक्कर से भी व्यक्ति को मुक्ति मिल जाती है। आज हम आपको उन्ही के बारे में बताने जा रहे हैं। कहा जाता है स्नान करने के बाद पान के पत्ते पर अक्षत फूल रखकर गंगा में प्रवाहित करने से बुरी नजर का असर खत्म हो जाता है।

इसके अलावा घी के दीपक जलाकर मां गंगा की आरती करनी चाहिए। कहा जाता है आज के दिन चांदी के लोटे में जल भरकर नंगे पैर घर से निकलकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर चढ़ाने से तमाम तरह के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है मनोकामना की पूर्ति होती है। इसके अलावा भगवान भोलेनाथ की प्रार्थना के साथ साथ जलाभिषेक करके बेलपत्र चढ़ाने से आर्थिक संकट दूर हो जाता है।

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