सुनहरा मौका! सरकार बेच रही है सस्ता सोना, ऐसे खरीद सकेंगे आप

नई दिल्ली: शेयर बाजार (Share Market) गिर रहा है। विश्वभर में मंदी की आशंकाएं गहराती जा रही है। निवेशक डरे हुए हैं। आखिर कहां करें निवेश? इन सबके बीच देश में काफी ऐसे लोग हैं, जो रिस्क (Risk) लेना नहीं चाहते हैं, वो ऐसे स्थान पर रूपये लगाना चाहते हैं, जहां निवेश सुरक्षित हो। ऐसे व्यक्तियों के लिए सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign gold bond) योजना एक बेहतरीन विकल्प है। शेयर बाजार में हाहाकार के बीच निवेशकों को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश का अवसर प्राप्त हो रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज निवेशकों के लिए ओपन है, आप इसमें 24 जून तक रूपये लगा सकते हैं। 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बार गोल्ड सब्सक्रिप्शन के दाम 5091 रुपये प्रति ग्राम निर्धारित किए है। हर बार की भांति इस बार भी ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को बॉन्ड की तय दाम पर प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट दी जाएगी। इस बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने निवेशकों के इसके 6 लाभ गिनाए हैं। 

SBI ने गिनाए ये 6 फायदे:- 
1- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर सालाना कम से कम 2.5 प्रतिशत का रिटर्न प्राप्त होगा।
2- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से रूपये निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं (No Capital Gain Tax on Redemption) लगेगा।
3- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर लोन का प्रावधान। आप बैंक से इसपर लोन ले सकते हैं। 
4- फिजिकल सोने की भांति लॉकर में रखने का खर्च भी नहीं उठाना पड़ता।
5- मैच्योरिटी के पश्चात् जब चाहें, इसे कैश में परिवर्तित कर सकते हैं। 
6- फिजिकल सोने की भांति मेकिंग चार्ज एवं GST का भुगतान नहीं करना पड़ता है।

गौरतलब है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में सोने के दाम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से तय किए जाते है। बॉन्ड के रूप में आप सोने में न्यूनतम एक ग्राम और अधिकतम चार किलो तक निवेश कर सकते हैं। इसपर टैक्‍स भी छूट प्राप्त होती है। गोल्ड बॉन्ड में किसी प्रकार की धोखाधड़ी एवं अशुद्धता की संभावना नहीं होती है। ये बॉन्ड्स 8 वर्ष पश्चात् मैच्योर होंगे। मतलब साफ है कि 8 वर्ष पश्चात् भुनाकर इससे पैसा निकाला जा सकता है। यहीं नहीं, 5 वर्ष के बाद इससे बाहर निकलने का विकल्प भी होता है। 

कितना खरीद सकते हैं सोना:-
RBI भारत सरकार की ओर से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। इस बॉन्ड में निवेश एक ग्राम के गुणकों में किया जाता है, जिसकी अधिकांश सीमा एक शख्स के लिए एक वर्ष में 500 ग्राम है। वहीं हिन्दू संयुक्त परिवार एक वर्ष के चलते अधिकतम 4 किलोग्राम सोने के दामों के बराबर तक का बॉन्ड खरीद सकते हैं। ट्रस्ट एवं वित्तीय वर्ष के समान इकाइयों के मामले में निवेश की ऊपरी सीमा 20 किलोग्राम है।     

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