फेडरल रिजर्व ने बढ़ाई 0.25% ब्याज दर

नई दिल्ली. अमेरिकी सेन्ट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने दिसंबर 2016 के बाद एक बार फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है, यह बढ़ोतरी तक़रीबन 0.25 फीसदी की है. इस निर्णय के कारण अब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़कर 0.75 से 1 फीसदी हो गई है.

ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है कि अमेरिका में फेड रेट में इजाफे के निर्णय ने मार्केट को ज्यादा प्रभावित नहीं किया क्योंकि ब्याज डरे बढ़ने का अनुमान मार्केट को पहले ही लग चूका था. ब्याज दरों में इजाफा यह इशारा करता है कि अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत हो रही है जो ग्लोबल मार्केट के लिए अच्छा संकेत है. फेडरल रिजर्व ने लगभग 2006 के बाद दिसंबर वर्ष 2016 में ब्याज दरों में इजाफा किया है. इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने 2015 में बॉन्ड खरीदारी प्रोग्राम को बंद कर ब्याज दरें बढ़ाने का निर्णय लिया था.

बता दें कि वर्ष 2008 के बाद अमेरिका में अब तक तीन बार ब्याज दरें बढ़ी है. बीते तीन महीने में महीने में फेडरल रिजर्व ने दो बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. सैमको सिक्युरिटीज के रिसर्च हेड उमेश मेहता के अनुसार, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर छोटी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर नहीं आएगा. अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी भारत से कम है, इसलिए इन्वेस्टर्स की पसंद भारत बना रहेगा. यद्यपि बॉन्ड्स में बढ़ोतरी से फॉरेन इन्वेस्टर्स अमेरिकी मार्केट में जाएंगे, किन्तु इंडियन इक्विटी मार्केट में सेलिंग नहीं आएगी.

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