राशिनुसार श्री गणेश जी के मन्त्र पढ़कर करने उन्हें खुश

बीते 10 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व आरम्भ हुआ है। ऐसे में यह पर्व 10 दिनों तक चलने वाला पर्व है और इस पर्व में बप्पा का पूजन किया जाता है। गणपति बप्पा प्रथम पूज्य हैं और वह अपने भक्तों को निर्विघ्न जीवन प्रदान करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं राशिनुसार कौन-सा मंत्र जपना आपके लिए शुभ होगा और जिससे भगवान गजानन आपको सुखी, सुरक्षित और समृद्ध जीवन देंगे।

राशिनुसार श्री गणेश जी की आराधना-

मेष- ॐ अवनीश नमः।

वृषभ- ॐ गजवक्र नमः।

मिथुन- ॐ कीर्ति नमः।

कर्क- ॐ दुर्जा नम:।

सिहं- ॐ नमस्थेतू नम:।

कन्या- ॐ अवनीश नम:।
तुला- ॐ गजकर्ण नम:।

वृश्चिक- ॐ विकट नम:।

धनु- ॐ यशस्कर नम:।

मकर- ॐ यंजकाय नम:।

कुंभ- ॐ विश्वराजा नम:

मीन- ॐ शशि-वर्णम नम:।

गणेश जी के शुभ मंत्र-

गणेश गायत्री मंत्र: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।

गणेश कुबेर मंत्र: ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।

* ऊं एकदंताय विधामहे, वक्रतुंडाय धिमही, तन्नो दंति प्रचोदयात्

* ऊं वक्रतुंडायक नृत्यस्त्रय क्लिंग हिंग श्रृंग गण गणपतये वर वरदा सर्वजनं मे वाशमनय स्वाहा

* वक्रतुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभः निर्विघ्नम कुरुमेदेव सर्व कार्येषु सर्वदा

* ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।

* ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति। करो दूर क्लेश।।

* ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।

* दुर्वा अर्पित करते हुए मंत्र बोलें 'इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः'

* सिंदूर चढ़ाते समय मंत्र बोलें, 'सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ ओम गं गणपतये नमः'

* सुमुखश्च एकदंतश्च कपिलो गजकर्णक:
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक: 
धुम्रकेतुर गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजानन:
द्वादशैतानि नामानि य: पठेचशृणुयादपि ।।

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